कोर्स 03: गतिविधि 3 : अपने विचार साझा करें

शिक्षार्थी की वृद्धि और विकास सहायता के लिए कक्षा में खिलौनों का उपयोग कैसे किया जा सकता है?

Comments

  1. TOYS ARE BEST TOOLS FOR LANGUAGE AND MATHS EXAMPLE ARRANGE DIFFERENT THINGS IN ASSANDING OR DECENDIN ORDFER

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  2. શૈક્ષણિક રમકડાં થકી શિક્ષણકાર્ય અસરકારક બને છે

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  3. રમત થકી બાળકોનો સાર્વત્રિક વિકાસ શક્ય બને છે

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    1. બાળકના રસ અને રુચિ પ્રમાણેના રમકડાં તથા રમતોથી બાળકનો સર્વાંગી વિકાસ સાધી શકાય છે.

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  4. खेल के माध्यम से बच्चों का समझ विकसित होता है

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    1. Bache khilono se apni sanskriti parivesh k bare me sikhte h

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    2. बच्चों की रुचि के अनुसार कम लागत वाले खिलौने होने चाहिए

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    3. खिलौने बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। खिलौने के द्वारा बच्चों को खेल-खेल में सिखाया जाता है।

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  5. Bachcho ke sarvangin vikas keliye khilone sabse achchhe sadhan hai .inke dwara indoor & outdoor khel, block building, puzzle, dance etc. Ki gatividhi karakar vikas & vraddhi ki ja
    sakti hai .

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  6. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग

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  7. We should use such toys which are helpful to develop them in thinking, playing, in flexibility of body language etc.

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  8. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है।

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  9. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाए,ताकि बच्चो के मस्तिष्क का विकास हो सके

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    1. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है।

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    2. बच्चों में dynamics development, जोड़ तोड़ जैसे activities से synthesis and Analytic जैसे कौशल, colore Identity कर पाना etc

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  10. खिलोने से बच्चे की रूचि-अभिरुचि ज्ञात करना सरल है, उसका ध्यान केंद्रित कराकर सीखने में सहायता मिलती है

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    1. खिलाने से बच्चों में Analysis, synthesis, colour identification efficiency, shape and size ,feelings share tendency etc जैसी quality आती है और DIY method से वे self dependent बनते हैं!!

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  11. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाने पर,बच्चो का मस्तिष्क विकास होता है,एवं खेल से आनंद भी मिलता है

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  12. बच्चों को खिलौनों से खेलना और उनकी आकृति आकर का पता लगाना रुचिकर लगता है,वे अपनी एकाग्रता और उत्सुकता से खिलौनों से साथ होने वाली गतिविधियों में आनंद लेते है। अतः शुरुवाती वर्षों में खिलौनों के माध्यम से सिखाना निश्चित रूप से प्रभावी होता है।

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  13. खेलो के माध्यम से विद्यार्थियों का विकास होता है और वे सीखते है।

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    1. खेल खेल में बच्चे पढ़ना लिखना सीखते हैं

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  14. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाए,ताकि बच्चो का विकास हो सके।

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  15. जोड़ तोड़ वाले खिलौने होने चाहिए

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  16. खिलौनों का प्रयोग बच्चों को संख्या ज्ञान, रंग ज्ञान, पैटर्न ज्ञान व अन्य बाते सिखाने के लिए किया जा सकता है।

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  17. Toys can be arranged according to the interests of children. They can be arranged in different areas like dolls and puppets,art and craft area,maths and puzzles areas.they should be made from waste materials and taken from their surroundings

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  18. January 20, 2023 at 6:46 AM
    बच्चों को खिलौनों से खेलना और उनकी आकृति आकर का पता लगाना रुचिकर लगता है,वे अपनी एकाग्रता और उत्सुकता से खिलौनों से साथ होने वाली गतिविधियों में आनंद लेते है। अतः शुरुवाती वर्षों में खिलौनों के माध्यम से सिखाना निश्चित रूप से प्रभावी होता है।

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  19. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग बच्चों का ध्यान एकाग्र करने हेतु खिलौनों का प्रयोग किया जाना चाहिए साथ ही साथ खिलौने के प्रयोग हेतु समूह का निर्माण और उसमें रचनात्मकता लेने हेतु उन्हें स्वतंत्र सोचने के अवसर देने चाहिए विकास के प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक खेल गतिविधि‍ सोचें। आपने गतिविधि‍ को कैसे नियोजित किया, इसके संबंध में अपने विचार साझा करें। खेल हमेशा बच्चों के लिए एक आनंददायक अनुभव होता है लेकिन इस आनंदमय अनुभव को स्पष्ट रूप से विशिष्ट वांछित सीखने के परिणाम और सामान्य रूप से समग्र विकासात्मक लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया जाना चाहिए।

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    1. बच्चों की रुचि के अनुसार खिलौने को एक क्रम में रखना चाहिए और गुड़िया और पपेट इन सबको अलग-अलग ब्लॉक में रखना चाहिए जिससे बच्चे आसानी से देख सके और उनके साथ खेल सके उनकी परिवेश के अनुसार भी खिलौने होने चाहिए जिससे वह खुद को जोड़ सके।

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  20. खेल की माध्यम से बच्चे संख्याज्ञान पहचान हो सकती है फुलो के नाम प्राणी पक्षी के नाम पहचान होती है
    कल्पना शक्ती का विकास होता हैं शब्द संपत्ती का विकास होता है

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  21. રમકડાંના ઉપયોગથી શિક્ષણ ખુબજ અસરકારક બને છે. બાળકનો સાર્વત્રિક વિકાસ થાય છે.

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  22. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाए,ताकि बच्चो के मस्तिष्क का विकास हो सके ।

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  23. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाने पर,बच्चो का मस्तिष्क विकास होता है,एवं खेल से आनंद भी मिलता है

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  24. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग बच्चों का ध्यान एकाग्र करने हेतु खिलौनों का प्रयोग किया जाना चाहिए

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  25. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग

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  26. Children take interest in reading by playing method

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  27. बच्चों को खिलौनों से खेलना और उनकी आकृति आकर का पता लगाना रुचिकर लगता है,वे अपनी एकाग्रता और उत्सुकता से खिलौनों से साथ होने वाली गतिविधियों में आनंद लेते है। अतः शुरुवाती वर्षों में खिलौनों के माध्यम से सिखाना निश्चित रूप से प्रभावी होता है।

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  28. खिलोने बच्चों को बहुत पसंद होते है यदि शुरुआती कक्षा में खिलोने के ज्यादातर पढ़ाया जाए तो बच्चे शिखने और पढ़ने में ज्यादा रुचि रखेंगे।

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  29. खेल के माध्यम से बच्चों का समझ विकसित होता है यह बिल्कुल सत्य है।

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  30. खिलौना का संधि विच्छेद अगर हम करें तो खिल होना होगा छोटे बच्चे खिलौना देखकर बहुत प्रसन्न होते हैं खिलौना खेलते खेलते वह अपने मनोभावों को व्यक्त करते करते अपने जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं

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  31. बच्चे खेल -खेल में सीखते हैं खेलकूद शिक्षा का अभिन्न अंग है।

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    1. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग बच्चों का ध्यान एकाग्र करने हेतु खिलौनों का प्रयोग किया जाना चाहिए साथ ही साथ खिलौने के प्रयोग हेतु समूह का निर्माण और उसमें रचनात्मकता लेने हेतु उन्हें स्वतंत्र सोचने के अवसर देने चाहिए विकास के प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक खेल गतिविधि‍ सोचें। आपने गतिविधि‍ को कैसे नियोजित किया, इसके संबंध में अपने विचार साझा करें। खेल हमेशा बच्चों के लिए एक आनंददायक अनुभव होता है लेकिन इस आनंदमय अनुभव को स्पष्ट रूप से विशिष्ट वांछित सीखने के परिणाम और सामान्य रूप से समग्र विकासात्मक लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया जाना चाहिए।

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    2. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग बच्चों का ध्यान एकाग्र करने हेतु खिलौनों का प्रयोग किया जाना चाहिए साथ ही साथ खिलौने के प्रयोग हेतु समूह का निर्माण और उसमें रचनात्मकता लेने हेतु उन्हें स्वतंत्र सोचने के अवसर देने चाहिए विकास के प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक खेल गतिविधि‍ सोचें। आपने गतिविधि‍ को कैसे नियोजित किया, इसके संबंध में अपने विचार साझा करें। खेल हमेशा बच्चों के लिए एक आनंददायक अनुभव होता है लेकिन इस आनंदमय अनुभव को स्पष्ट रूप से विशिष्ट वांछित सीखने के परिणाम और सामान्य रूप से समग्र विकासात्मक लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया जाना चाहिए।

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  32. बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्री-प्राइमरी से ही खिलौनों के माध्यम से समझ विकसित किया जा सकता है।

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    1. ShaliniJanuary 31, 2023 at 10:49 PM
      Toys can be arranged according to the interests of children. They can be arranged in different areas like dolls and puppets,art and craft area,maths and puzzles areas.they should be made from waste materials and taken from their surroundings

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  33. Bacche Khel ke Madhyam se Shiksha ko jaldi se jaldi grahan karte hain tatha Ve Apna sarvangini Vikas Karte Hain

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  34. ईसीसीई स्कूल और जीवन में सीखने के लिए एक बुनियादी प्रदान करता हैं

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  35. We can use them for the same in a safe,useful and recreational way.

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  36. खिलौने से कुछ नयी सरंचना करवाने पर,बच्चो का मस्तिष्क विकास होता है,एवं खेल से आनंद भी मिलता है

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  37. खेल के माध्यम से बच्चों मे समझ, सामाजिक गुणों का विकास होता है।

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  38. बच्चो को खेल की सामग्री उपलब्ध खेल के माहोल में दे और उनके साथ ऐसे एक शिक्षक रहे जो बच्चो को सही या गलत है

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  39. बच्चो की शिक्षा को प्रायोगिक रूप में समझने एवम वातावरण से अनुकरण करने हेतु खेल सामग्री का उपयोग किया जा सकता है...खेल सामग्री हेतु कम बजट के घरेलू सामान का उपयोग किया जा सकता है

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  40. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग

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  41. This comment has been removed by the author.

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  42. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है।

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  43. खेल से बच्चे का शारिरीक विकास होता है जो वृद्धि का एक भाग है

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  44. स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग बच्चों का ध्यान एकाग्र करने हेतु खिलौनों का प्रयोग किया जाना चाहिए

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  45. बच्चो के खेल ने से सर्वांगीण विकास होता हैं

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  46. खिलौनों का उपयोग अवधारणा को समझने में कर सकते हैं।

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  47. Blocks se different different chije bna skte h, size k according arrange kra skte h

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  48. कक्षा में बच्चे के वृद्धि और विकास को ध्यान में रखते हुए ऐसे खिलोनो का उपयोग करना चाहिए जिससे बच्चे का सूक्ष्म मोटर कौशल व सकल मोटर कौशल दोनों का विकास हो।
    साथ ही कुछ खेल ऐसे होने चाहिए जो बालक के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखे। जैसे गोल वृत बनाकर घोड़ा है संभाल भाई खेल की गतिविधि बालक के सर्वांगीण विकास में सहायक है।

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  49. खिलौनों से बच्चे हर बार कुछ ना कुछ सीखते ही है

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  50. Bachcho ko ganit vigyan colour paryaavaran sikhane me khilauno ka prayog kiya ja sakata hai

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  51. खिलौना कार्नर बनाकर

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  52. खेल में समहू बनाकर खिलोनो का बेहतर उपयोग किया जा सकता हैं

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  53. बच्चों को खेलना ज्यादा पसंद है। और खेल के माध्यम से उनमें सृजनात्मकता, विश्लेषण क्षमता, क्रियात्मकता, मानसिकता, अभिव्यति इत्यादि कौशलो का विकास होता है। इसलिए उनको निम्न प्रकार के खेल खेलाए जा सके है -
    1.जोड - तोड खेल
    2. छोटे- छोटे बक्सो को जोड़कर नई -नई चीजे बनाना
    3.समूह बनाकर लघु कविता प्रतियोगिता करवाना
    4. गायब संख्या पता करना इत्यादि।

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  54. सहायता के िलए का म िखलौन का उपयोग किया जा सकता है?

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  55. Kuch visay jaise maths , english, hindi jaise visay ko sikhne mei khilaune sahayak hote hai. Khilauno se baccho mei sikhne ki ruchi badhti hai

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    1. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग

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  56. खिलोनो से बच्चों का समग्र विकास होता है और खिलोने स्वनिर्मित होना चाहिए |

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  57. Khilaune bacche ke sbse axe dost hote hai. Bacche bachpan se hi khilauno se jude rehte hai isiliye unhe agar koi nayi chiz sikhani ho toh khilaune sahyak hote hai

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  58. खिलौने से के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत कर उन्हें खेल-खेल के माध्यम से पढ़ाई को रुचि कर बनाया जा सकता है।

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  59. कक्षा कक्ष में बच्चों की समग्र विकास के लिए जोड़ तोड़ के खिलौने डिस के खिलौने दिए के खिलौने पजल्स आदि का उपयोग करके उनके समग्र विकास किया जा सकता है

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  60. वृद्धि और विकास में खिलौने एक महत्वपूर्ण साधन होते है , यह विद्यार्थियों के शारीरिक एवम मनोगत्य विकास में सहायक होते है।

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  61. खिलौनों से बच्चों का समग्र विकास होता है खिलौने स्वनिर्मित होने चाहिए

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  62. बच्चो के वृद्धि एवम विकास के लिए उन खिलौनों का प्रयोग होना चाहिए जिसमे उनकी ज्ञानेंद्रियों का अत्यधिक प्रयोग हो।
    उनकी सुक्ष्म मांसपेशियों के विकसित होने सहयोग करे।

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  63. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है।

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  64. Bache khilono se apni sanskriti parivesh ke bare me sikhte hai.

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  65. खेल खेल में बच्चे पेयर लर्निंग गतिविधि द्वारा सीखते हैं

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  66. खिलौना बच्चों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण शिक्षण सामग्री हैं। इन्हीं के द्वारा बच्चों को सीखने के सुअवसर प्राप्त होता है

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  67. खिलौनों के द्वारा बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है।खेल खेलमें संख्या ज्ञान ,वर्ण पहचान तथा रंगों का ज्ञान होता है।

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  68. खिलौने बच्चों के आयु अनुरूप होने चाहिए. जैसे जोड़ तोड़ वाले खिलौने . जिनमें बच्चों को मजा भी आये और वो खेल खेल में सीखें.

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  69. खिलौनों से कुछ नई खोज कराकर,बच्चों का मस्तिष्क विकास होता है,और खेल से भी आनंद मिलता है

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  70. Bacchon ke Ruchi ke anusar khilaunon se bacche bahut kuchh sikhate Hain unka Aakar rang sankhyatmak Gyan aadi ke mein vriddhi hoti hai

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  71. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले प्राकृतिक व वातावरण मे उपलब्ध सामग्री से निर्मित खिलौने का उपयोग किया जाना चाहिए साथ ही साथ खिलौने के प्रयोग हेतु समूह का निर्माण और उसमें रचनात्मकता लाने हेतु उन्हें स्वतंत्र सोचने के अवसर देने चाहिए ।

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  72. By using different types of toys, children learn use their mind...and free to do anything,use the toys in anyform,,,,,I means when we give child to play with toys,then at that time,they r learning with playing ....

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  73. बच्चों को खेलना ज्यादा पसंद है। और खेल के माध्यम से उनमें सृजनात्मकता, विश्लेषण क्षमता, क्रियात्मकता, मानसिकता, अभिव्यति इत्यादि कौशलो का विकास होता है। इसलिए उनको निम्न प्रकार के खेल खेलाए जा सके है -
    1.जोड - तोड खेल
    2. छोटे- छोटे बक्सो को जोड़कर नई -नई चीजे बनाना
    3.समूह बनाकर लघु कविता प्रतियोगिता करवाना
    4. गायब संख्या पता करना इत्यादि।

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  74. This comment has been removed by the author.

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  75. This comment has been removed by the author.

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  76. We should use such toys which are helpful to develop them in thinking, playing, in flexibility of body language

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  77. We should use such toys which are helpful to develop them

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  78. બચ્ચે જો દેખતે હૈ જો સોચતે ઔર જો કલ્પના કરતે હૈ ઉસે કે અનુસાર વોહ અપના ખેલ ખેલતે હૈ ઈસસે ઉસે મહાવર મિલતા હૈ

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  79. રમકડાં નિર્માણ ની પ્રવૃત્તિ થી બાળકોની સર્જનાત્મક માં વધારો કરી શકાય. બાળકોના સર્વાંગી વિકાસમાં રમકડાંની પસંદગી પણ અગત્યનો ભાગ ભજવે છે.

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  80. बच्चे नया-नया सीखने के लिए तत्पर होते हैं ।उनका आईक्यू लेवल बहुत बढ़िया होता है वह अपने आप सीखते हैं ।

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  81. जिस प्रकार का कोशल विकसित करना है उससे संबंधित खिलोने उसे दिए जाए जिससे वह अपने अनुभव के आधार पर सीखे

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  82. Games help the analytical mind of child. He apply his mind to play block and arrange them in colors, alphabets, ascending and descending order. Etc

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  83. बच्चों को कक्षा कक्ष के अंदर सख्यात्मक, भाषा एवं भावात्मक रूप से सिखने सिखाने का कार्य में खेल गतिविधि ही सहज एवं सरल माध्यम है इससे बच्चो का चतुर्दिक विकास होता है

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  84. शारीरिक विकास:गेंद: गेंद से खेलना बच्चों के मोटर कौशल और हाथ-आँख समन्वय को बेहतर बनाता है।बिल्डिंग ब्लॉक्स: लेगो और अन्य निर्माण खिलौने बच्चों की हाथों की ताकत और बारीक मोटर कौशल को विकसित करते हैं।मानसिक विकास:पज़ल्स: पज़ल्स बच्चों की समस्या-समाधान क्षमता और तर्कशक्ति को बढ़ावा देते हैं।शैक्षिक खिलौने: वर्णमाला ब्लॉक्स, गिनती के खिलौने, और विज्ञान किट्स बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को सुदृढ़ करते हैं।सामाजिक विकास:भूमिका निभाने वाले खिलौने (रोल-प्ले टॉयज): डॉक्टर किट, किचन सेट, और अन्य रोल-प्ले खिलौने बच्चों को सामाजिक परिस्थितियों में संलग्न होने और संवाद कौशल को विकसित करने में मदद करते हैं।साझा खिलौने: बोर्ड गेम्स और टीम गेम्स बच्चों को सहयोग, साझा करना, और टीम वर्क सिखाते हैं।भावनात्मक विकास:नरम खिलौने (सॉफ्ट टॉयज): बच्चे नरम खिलौनों के साथ खेलते हुए सुरक्षा और आराम महसूस करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता बढ़ती है।क्रिएटिव आर्ट टॉयज: रंगने, चित्र बनाने और अन्य क्रिएटिव गतिविधियों से बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में मदद मिलती है।

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  85. बच्चे खेल के द्वारा सहजता और अपनी गति से सीखते हैं।

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  86. खिलौनों द्वारा गतिविधियां करवाकर.

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  87. खिलोने से बच्चे की रूचि-अभिरुचि ज्ञात करना सरल है, उसका ध्यान केंद्रित कराकर सीखने में सहायता मिलती है

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  88. Khilauney ke madhyam se sochane ki kshamta ka vikas hota hai

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  89. खिलौने को यदि शिक्षण सामग्री के रूप में प्रयोग किया जाए तो बचे की सीखने की गति मैं बृद्धि हो जाती है।बच्चा अत्यंत रुचि और सलग्न हो कर सीखता है।।खिलोने अधिगम के अनुसार होने चाहिए।

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  90. Kisi v vishay ko achhe se samjhne k liye khilone ek achha madhyam he....

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  91. Bacchon keVikas mein Khel mahatvpurn bhumika nibhate Hain khelon ke madhyam se bacchon mein sharirik mansik sanvegatmak Vikas hota hai.

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  92. खेल खेल में बच्चे पढ़ना लिखना सीखते हैं

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  93. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है। बच्चों को कक्षा कक्ष के अंदर सख्यात्मक, भाषा एवं भावात्मक रूप से सिखने सिखाने का कार्य में खेल गतिविधि ही सहज एवं सरल माध्यम है इससे बच्चो का चतुर्दिक विकास होता है

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  94. शिक्षार्थी की वृद्धि और विकास सहायता के लिए कक्षा में खिलौनों का उपयोग kaksha ke parivesh ko sangyanatmak , bodhatmak , evum sparshatmak banakar Kiya ja sakta hai .

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  95. बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग कर उनके विकास में सहायता कर सकते है

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  96. खेल के माध्यम से बच्चों का समझ विकसित होता है

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  97. https://youtu.be/Od4qgBv9NmM?si=LIk1HPb8WYqXNTs1

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  98. Khilaune ke Madhyam se bacche Apne dimag ko Aur Bhi Jyada use karte hain

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  99. Bachcho ko vastuo ke name sikhane colour name,ak ak ki sangti,gatividhi ke liye bhi khilono ka prayog kiya ja sakta h

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  100. Toys are best for children development we can use them like ascending and descending order etc.

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  101. बच्चों के सामाजिक विकास ,भावनात्मक विकास संवेगनात्मक, भाषा विकास, साथ ही साथ संख्यानात्मक विकास हेतु DIY मॉडल गतिविधि के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं।

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  102. Bachche ke aayu ke anusar toys ka selection karna chahiye.

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  103. Bachche khilono se khelkar bhasha aur ganit ke sath uske talo ka samtal Or khurdura ke bare me seekhta hai.

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  104. This comment has been removed by the author.

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  105. प्री स्कूल में बच्चों को उनकी रुची के अनुरूप कम लागत या शून्य लागत वाले देशी ,सामाजिक माहौल के अनुसार खिलौने का उपयोग

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  106. खेल संपूर्ण विकास के लिए अति आवश्यक है

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  107. Kilone Bachu kho Ruchi se Bhar dete hai

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  108. खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है। खेल खेल में संख्याज्ञान ,रंगो की पहचान आदि सीखने में मदद होती है।

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  109. बच्चों के समग्र विकास के लिए सीखने की प्रक्रिया को रुचिकर बनाने में खेल एवं खिलौने बहुत सहायक होते हैं।

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  110. Aaj pados mein bacche तरह-तरह ke Khel khelte Hain Khel Khel rahe the unka Vikas hota hai .

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  111. Bacchon ko तरह-तरह ke khilaune dekar unke sharirik mansik tatha unke baudhik abhyas Vikas kara sakte hain

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  112. Bacchon ko तरह-तरह ke khilaune dekar unka Shari man se gyanatmak rachnatmak Vikas Kiya ja sakta hai.

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  113. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें

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  114. શૈક્ષણિક રમકડાં થકી શિક્ષણકાર્ય અસરકારક બને છે

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  115. This comment has been removed by the author.

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  116. TOYS ARE BEST TOOLS FOR LANGUAGE AND MATHS EXAMPLE ARRANGE DIFFERENT THINGS IN ASSANDING OR DECENDIN ORDFER

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  117. बच्चों को खिलौने उनके रूचि
    के अनुसार दिया जाए जिससे वे खिलौने का आकार, आकृति, रंग, संख्या आदि से अवगत हो सके।

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  118. खिलौने का इस्तेमाल करके बच्चों में संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक और भावात्मक विकास विकास बढ़ाया जा सकता है।

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  119. बच्चे खेल के द्वारा सहजता और अपनी गति से सीखते हैं। खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है।

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  120. Khilono ke madhiyum se bacche jaldi shikhte h

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  121. बच्चों को खिलौने पसंद होते हैं। इनके माध्यम से सीखने की गति बढ़ती है

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  122. Bachcho ke sarvangin vikas keliye khilone sabse achchhe sadhan hai .inke dwara indoor & outdoor khel, block building, puzzle, dance etc. Ki gatividhi karakar vikas & vraddhi ki ja
    sakti hai .

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  123. TOYS ARE BEST TOOLS FOR LANGUAGE AND MATHS EXAMPLE ARRANGE DIFFERENT THINGS IN ASSANDING OR DECENDIN ORDFER

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