कोर्स 03 : गतिविधि 1: अपना अनुभव साझा करें।

आपने अपने आस-पास अपने परिवार या पड़ोस में बच्‍चों को जरूर देखा होगा। बच्‍चों की विकासात्‍मक विशेषताओं के बारे में विचार करें तथा वे कैसे खेलते, सीखते और बढ़ते हैं, इसे साझा करें।

Comments

  1. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. बच्चे परिवार और classmate's के साथ आसानी से रुचि पूर्वक आनंद लेते हुए अच्छी तरह से सीखते हैं!!

      Delete
    2. खेल से बच्चे ज़्यादा अच्छा सीखते और आसानी सेआत्मसात करते है

      Delete
  2. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें

    ReplyDelete
    Replies
    1. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें

      Delete
    2. सुनियोजित आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों को सीखने का वातावरण उपलब्ध कराता है।

      Delete
    3. खेल खेल में शिक्षा से बच्चो मे जल्दी समझ विकसित होती है

      Delete
    4. बच्चे खेल खेल मे सहजता से सीखते हैं और इस तरह सीखना स्थाई होता है!!

      Delete
  3. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. बच्चे खेलने में बहुत रूचि लेते हैं ।बच्चों को खेल गतिविधियों के द्वारा बहुत कुछ सिखाया जा सकता है ।

      Delete
  4. When he plays, he talks to himself or to himself. Mumbles related to the game. He understands what he is playing and even speaks the name of the object he is playing with.
    While playing in groups they also discuss what to do next.
    Imagines things and talks about them.

    He expresses his joy at what he could do - see I did it....know what I did...? See how it happened...? etc. sentences exchange spoken experiences.

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bache apne pure mn se khelte h aur apne ass pass k logo k dekhte h aur unka anusaran kr k khelte h jese ghr ghr teacher student

      Delete
  5. खेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है हम ये कहे की खेलना बच्चों का अधिकार है उनके अधिकारों से वंचित न करें

    ReplyDelete
  6. NAGENDRA CHHICHHWAखेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है हम ये कहे की खेलना बच्चों का अधिकार है उनके अधिकारों से वंचित न करें

    ReplyDelete
  7. बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।

    ReplyDelete
  8. वे मूर्त और अमूर्त वस्तुओं में भेद नहीं कर पाते इसलिए कई बार वास्तविकता से उलट घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। लेकिन खेल और खिलौने आधारित जोड़-तोड़ में वे अपनी कल्पना शक्ति का भरपूर प्रयोग करते हैं

    ReplyDelete
  9. बच्चे हर चीज को खेल समझ के कार्य करते हैं और जैसी क्रिया प्रतिक्रिया देखते हैं उन्हें दोहराते हैं।

    ReplyDelete
  10. बच्चे हर चीज को खेल समझ के कार्य करते हैं और जैसी क्रिया प्रतिक्रिया देखते हैं उन

    ReplyDelete
  11. बच्चे constructive and destructive दोनों ही तरह के खेल खेलते हैं खिलौने तोड़ने के साथ-साथ वे किसी अन्य वस्तु से कुछ अन्य कार्य करना जैसे चम्मच से फावड़ा बनाना, मिट्टी खोदना,पत्तों की प्लेट बनाना, और मिट्टी के snacks सजाना

    ReplyDelete
  12. बच्चे एक दूसरे के साथ मुख्य रूप से अपनी हम उम्र बच्चों के साथ जल्दी घुल मिल जाते हैं एक दूसरे को प्रेरित कर स्वयं नियम जो उन्हें बताते जाये स्वत सीख आनन्द पूर्वक खेलते हैं |

    ReplyDelete
  13. While playing children talks to themselves enters in an imaginary world where they understand concepts deeply and clearly. Play way method of teaching is necessary for overall development of children

    ReplyDelete
  14. खेल आधारित गतविधिया बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिये बहुत ही महत्व हैj बच्चो का प्रगती का निरिक्षण ओर मूल्यांकन खेल के माध्यम से करने गत विधियोका महत्व अनन्य साधारण है बच्चो की रुची किसमे है उनकी सोच क्या है जानकारी होती है मनोरंजन के माध्यम से सोखनेकी प्रेरणा विकसित कर सकते हैं स्व्यं अनुभव से भी बच्चे सिखते है

    ReplyDelete
  15. खेल गतिविधियाँ बच्चों के अनुभव करने, समझने और सीखने का बड़ा और विस्तृत माध्यम होते हैं. खेलो के द्वारा वे अपनी रूचि और क्षमताओं का भी परिचय देते हैं.

    ReplyDelete
  16. બાળકોને રમત ખુબ ગમે છે. તેઓ રમતા રમતા સારી રીતે શીખી શકે છે. તેમજ બાળકનો શારીરિક અને માનસિક વિકાસ થાય છે.

    ReplyDelete
  17. बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।

    ReplyDelete
    Replies
    1. बच्चों को खिलौनों का उपयोग करना चाहिए लेकिन उनका मर्यादित उपयोग ही सही होगा बच्चे खिलौने के माध्यम से सीखते हैं लेकिन अतिशयोक्ति उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

      Delete
  18. खेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।

    ReplyDelete
  19. Replies
    1. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।

      Delete
  20. खेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं

    ReplyDelete
  21. छात्रों की खेल में अधिक रुचि होती है अतः खेल के माध्यम से छात्र विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।

    ReplyDelete
  22. बच्चे खेल खेलने बहुत कुछ सीख लेते हैं वह हर एक वस्तु को खिलौनों के रूप में लेते हैं उनके अंदर यह जिज्ञासा होती है के खिलौना कैसे बना है इसके अंदर क्या है यह जानने के लिए वे खिलौनों को तोड़ फोड़ देते हैं और फिर उन्हें जोड़ने की कोशिश करते हैं इस प्रकार वे अपनी समझ का प्रयोग करते हैं और नया कुछ सीखने की कोशिश करते हैं

    ReplyDelete
  23. बच्चों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें। बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे लेते है तथा उन्हे तोड़ फोड़ कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समूह मे खेलना पसंद करते है।

    ReplyDelete
  24. बच्चों को सबसे प्रिय अपना पसंदीदा खेल होता है और वह इसमें खुशी महसूस कर बहुत सी चीजें सीखते हैं!

    ReplyDelete
  25. अलग-अलग उम्रअलग-अलग परिवेश के बच्चे अलग-अलग प्रकार के खेल खेलते हैं और खुश होते हैं वह अपने परिवेश से नई-नई चीजें सीखते हैं और जीवन का स्तंभ निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है

    ReplyDelete
  26. While playing children talks to themselves enters in an imaginary world where they understand concepts deeply and clearly. Play way method of teaching is necessary for overall development of children

    ReplyDelete
  27. अलग-अलग parivesh Mein Rahane wale bacche अलग-अलग Prakar Ke Khel khelte hain jaise shahron mein Rahane wale bacche naye grasiton se khel khelte Hain jabki Gaon Mein Rahane wale bacche Apne parampari khel khelte Hain

    ReplyDelete
  28. खेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं l

    ReplyDelete
  29. एसीसीई स्कूल और जीवन में सीखने के लिए एक बुनियादी प्रदान करता हैं

    ReplyDelete
  30. छात्रों की खेल में अधिक रुचि होती है अतः खेल के माध्यम से छात्र विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।

    ReplyDelete
  31. बच्चे खेल करते हुए सहचर्य परस्पर सहयोग भावना साथ ही खेलो से उनके भीतर संपत्ययो जैसे जोड तोड़,अनुकरण करके सीखना इत्यादि सीखते है

    ReplyDelete
  32. Replies
    1. बच्चे खेल खेलने बहुत कुछ सीख लेते हैं वह हर एक वस्तु को खिलौनों के रूप में लेते हैं उनके अंदर यह जिज्ञासा होती है के खिलौना कैसे बना है इसके अंदर क्या है यह जानने के लिए वे खिलौनों को तोड़ फोड़ देते हैं और फिर उन्हें जोड़ने की कोशिश करते हैं इस प्रकार वे अपनी समझ का प्रयोग करते हैं और नया कुछ सीखने की कोशिश करते हैं

      Delete
  33. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  34. बच्चे में खेल खेल में सामाजिक गुणों का विकास होता है मानवीय गुणों का विकास होता है सहयोग की भावना आती है

    ReplyDelete
  35. खेलते हुए ही बच्चे अधिक सीख सकते हैं क्योंकि खेलते समय उनका सारा ध्यान एक जगह की रहता है।

    ReplyDelete
  36. Bachhe hamesa group me khelna pasand karte hai.khel khel me sikhate bhi hai.

    ReplyDelete
  37. Bache khilono se khelna pasnd krte h , ve unko todte h aur fir jodne ka prayas krte h .

    ReplyDelete
  38. Bache apne purane anubhavo se naye gayan ka srijan karte hai.

    ReplyDelete
    Replies
    1. खेलते हुए बच्चे जल्दी सीखते है क्योंकि इसमें उनकी सभी इंद्रियां शामिल होती हैं।

      Delete
  39. हम जानते है कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है वह सब कुछ अपने आस पड़ोस से ही सीखता है। शुरुआती वर्षो में बच्चे के सीखने में खेल का विशेष महत्व है क्योंकि बच्चे खेल खेल में बहुत कुछ सिख जाते है खेल के द्वारा बालको का भाषायी कौशल,मोटर कौशल, सामाजिक व भावात्मक कौशल का विकास होता है।

    ReplyDelete
  40. Agar bachche daunate hai to kaun tej kaun slow ka gyan hota hai

    ReplyDelete
  41. खेल खेल मे बच्चों को सीखना चाहिए

    ReplyDelete
  42. खेल आधारित शिक्षण संस्थानों का ज्यादा से ज्यादा विकास होना चाहिए

    ReplyDelete
  43. बच्चे समूह में तथा मूर्त वस्तुओ से बेहतर ढंग से सिख पाते है

    ReplyDelete
  44. प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों में सृजनात्मकता अधिक पायी जाती है, जिससे की वे हर एक चीज को खेल के माध्यम से सिखना ज्यादा पसंद करते है। और गतिविधि आधारित सीखने में ज्यादा रुचि दिखाते है

    ReplyDelete
  45. । जब बच्चे खे ि गप्तप्वप्ियों में संिगन होते हैं तो वे खुि को बेहतर ढंग से वयक्त कर सकते हैं

    ReplyDelete
  46. बच्चे अपने आप खेलते रहते है और आनन्द लेते है साथ ही कुछ न कुछ सीखते रहते हैं खेल में बड़ों को भी शामिल करते हैं।खिलौनों को तोड़ने व फिर से बनाने की कोशिश करते है।आदि-आदि।

    ReplyDelete
  47. Aksar baache wahi khel kehtlte hai jisme unki ruchi sabse jada hoti hai. Ya jis khel. Ko woh bahut jldi khelna sikh jaate hai
    Usi tarah ek baacha usi wahi visay samj paata hai jisme uski ruchi ho ya jo visay uski jldi smj aa jata hai

    ReplyDelete
  48. बच्चे खेल के माध्यम से किसी भी कार्य को आसानी से करते एवं सीखते हैं अतः बच्चों में समझ विकसित करने के लिए खेल एक उचित माध्यम हो सकता है जिसके द्वारा उनके रुचि को बढ़ाकर समझ ने की दिशा में रोचक कार्य किया जा सकता है

    ReplyDelete
  49. खेलने से अनुशासन आता है और अनुशासन से ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती है |

    ReplyDelete
  50. बच्चों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें। बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे लेते है तथा उन्हे तोड़ फोड़ कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समूह मे खेलना पसंद करते है।

    ReplyDelete
  51. बच्चों का समग्र विकास उनकी हर एक गतिविधियों खेल बातें करना घूमने दौड़ना नकल करना आदि सभी क्रियो से उनके समग्र विकास होता रहता है यह इनडायरेक्ट होता है खेल से उनको शरीर की गत्यात्मक क्रियो और दिमाग के समन्वय में मदद मिलती है और इस तरह से वह अनजाने में ही आकार बनाना आरोन को पहचानना रंगों को पहचाना और किसी गतिविधि का नकल करना इस तरह की वह चीज सीखते रहते हैं

    ReplyDelete
  52. Bachhe khel khel me bahut kuch sikhte hai....

    ReplyDelete
  53. बच्चे अपनी आस पास हो रही चीजों को लेकर उत्सुक रहते है । अपने आस पास के लोगो को देखकर सीखते है और अपने खेल में उन चीजों को शामिल करते है। जैसे एक बच्चा अपने बड़े भाई को गेंद से खेलते देखता है तो वो भी वैसा ही करता है। अपने आस पास के माहोल से बात करना , दूसरो के साथ अभिव्यति करना, अपने साथियों के साथ खेल खेलना और खेलते खेलते सहयोग की भावना, साझा करना , अपनी बात रखना सीखता है।

    ReplyDelete
  54. Bache apne pas ki chijo se gule mile hote hai unko un sabke bare me bahut kuch pata hota hai....

    ReplyDelete
    Replies
    1. खेल गतिविधियाँ बच्चों के अनुभव करने, समझने और सीखने का बड़ा और विस्तृत माध्यम होते हैं. खेलो के द्वारा वे अपनी रूचि और क्षमताओं का भी परिचय देते हैं.

      Delete
  55. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें

    ReplyDelete
  56. विद्यार्थी खेल प्रेमी होते हैं, खेलते खेलते सीख लेते हैं

    ReplyDelete
  57. Bacche Khel Khel mein bahut adhik Sikh lete hain jisse unka sharirik aur mansik Vikas hota hai

    ReplyDelete
  58. Ya it's really true that children learns in any atmosphere..like at home ,school, ground with other children ...and when he learn something with d help of play then I think learning becomes permanent

    ReplyDelete
  59. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  60. In intial ages they see animals like cow, dogs, monkey they see and try to count , learn colors, shapes etc
    With fingers they count, what they see as vegetable, blocks etc

    ReplyDelete
  61. बच्चे अपने हमउम्र बच्चों के साथ एवं स्थूल वस्तुओं के साथ अपने बनाए नियमों के साथ खेलना अधिक पसंद करतें है।

    ReplyDelete
  62. Bachchen parivesh se swyam khelate aur seekhate hai

    ReplyDelete
  63. Bachhe khel khel me jayada behtar tarike se sikhte he...

    ReplyDelete
  64. Khel Khel mein jyada behtar tarike se sikhate Hain

    ReplyDelete
  65. Bachche khel khel mein bahut badhiya sikhate hai.

    ReplyDelete
  66. परिवेश बच्चों के सीखने सिखाने की क्षमताओं को बहुत प्रभावित करता है

    ReplyDelete
  67. bacche apne aas pass ke parivesh mein ghatit hone wali ghatnaon ko dekhte hain tatha uska anusaran karne ka prayas karte hain.

    ReplyDelete
  68. Bacho ka sangopang Vikas Hota hai

    ReplyDelete
  69. बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।

    ReplyDelete
  70. बच्चे खेल के आनंददायक माहौल में सीखने में अत्यधिक रुचि लेते हैं।

    ReplyDelete
  71. Bachche khilono se khelkar achchha seekhte hai.

    ReplyDelete
  72. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।

    ReplyDelete
  73. Children like to play in group and they learn by games and toys

    ReplyDelete
  74. Bachche apne swyam ke anubhav ke dwara jyada sikhte h( DIY).

    ReplyDelete
  75. आसपास के बच्चों में मैं अनुभव किया है कि बच्चे किसी चीजों को जोड़ने कुछ बनाने हैं कुछ नया रचनात्मक कार्यों में ज्यादा तल्लीन रहते हैं उन्हें कुछ नया बनाने नया खेलने में ज्यादा मजा आता है वह ग्रुप में खेलना भी पसंद करते हैं

    ReplyDelete
  76. Bacche humumra baccho ke saath Acha khelte hai khel khel me shiksa ruchikar lagta hai

    ReplyDelete
  77. Bachi ek dusari ko dekha seekhat hai

    ReplyDelete
  78. बच्चे खेल खेल में बहुत अच्छे से सीखते हैं

    ReplyDelete
  79. खेल के माध्यम से बच्चे रचनात्मक तरीके से आनंदमय परिवेश में सीखते हैं।

    ReplyDelete
  80. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।

    ReplyDelete
  81. विद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें

    ReplyDelete
  82. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  83. बच्चे परिवार और classmate's के साथ आसानी से रुचि पूर्वक आनंद लेते हुए अच्छी तरह से सीखते हैं!!

    ReplyDelete
  84. बच्चे खेल खेलने के लिए बहुत ही उत्साहित रहते हैं बच्चे खेल-खेलते हुए बहुत कुछ सीख लेते हैं उनके अंदर सब कुछ जानने की जिज्ञासा होती है उदाहरण के लिए मान लीजिए एक बच्चे के पास चलने वाली कार है थोड़ी देर तो वह उसे खिलौना कार से खेलता है पर कुछ समय के बाद वह जानना चाहता है कि यह कार चलती कैसे हैं उसके अंदर ऐसा क्या लगा हुआ है कि यह खिलौना कार दौड़ रही है तो वह उसको तोड़ देता है और फिर उसके अंदर के पुर्जों को देखने के बाद फिर से उसको जोड़ने की कोशिश करता है । इस प्रकार वह हर पल अपने ज्ञान में वृद्धि करता रहता है

    ReplyDelete
  85. बच्चे खेलने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं। बच्चे खेल खेलते हुए बहुत कुछ सीख लेते हैं। उनके अंदर सब कुछ जानने की जिज्ञासा होती है। वह कोई भी खिलौना पहले तो खेलता रहता है परन्तु धीरे धीरे इसके बारे में और कुछ भी जानना चाहता है। इसलिए वह खिलौने के साथ जोड़ तोड़ शुरू कर देता है। और इसी में वह बहुत कुछ सीखता है।

    ReplyDelete
  86. खेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। खेल द्वारा सीखी हुई चीज़ वह कभी नहीं भूलते और अधिक समय तक याद रखते हैं ।

    ReplyDelete
  87. खेल व गतिविधि आधारित शिक्षा बच्चों के ज्ञान को स्थाई बना देती है

    ReplyDelete
  88. बच्चों की खेल में अधिक रुचि होती है और खेल के माध्यम से बच्चे विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।

    ReplyDelete

  89. खेल से बच्चे ज़्यादा अच्छा सीखते और आसानी सेआत्मसात करते है

    ReplyDelete

  90. बच्चे खेल खेल मे सहजता से सीखते हैं और इस तरह सीखना स्थाई होता है!!

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog