कोर्स 03 : गतिविधि 1: अपना अनुभव साझा करें।
आपने अपने आस-पास अपने परिवार या पड़ोस में बच्चों को जरूर देखा होगा। बच्चों की विकासात्मक विशेषताओं के बारे में विचार करें तथा वे कैसे खेलते, सीखते और बढ़ते हैं, इसे साझा करें।
आपने अपने आस-पास अपने परिवार या पड़ोस में बच्चों को जरूर देखा होगा। बच्चों की विकासात्मक विशेषताओं के बारे में विचार करें तथा वे कैसे खेलते, सीखते और बढ़ते हैं, इसे साझा करें।
बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।
ReplyDeleteRight
DeleteLearning by playing
Deleteबच्चे परिवार और classmate's के साथ आसानी से रुचि पूर्वक आनंद लेते हुए अच्छी तरह से सीखते हैं!!
Deleteखेल से बच्चे ज़्यादा अच्छा सीखते और आसानी सेआत्मसात करते है
Deleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें
ReplyDeleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें
DeleteBilkul shi kha aapne
Deleteसुनियोजित आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों को सीखने का वातावरण उपलब्ध कराता है।
Deleteखेल खेल में शिक्षा से बच्चो मे जल्दी समझ विकसित होती है
Deleteबच्चे खेल खेल मे सहजता से सीखते हैं और इस तरह सीखना स्थाई होता है!!
Deleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।
ReplyDeleteRight ji
Deleteबच्चे खेलने में बहुत रूचि लेते हैं ।बच्चों को खेल गतिविधियों के द्वारा बहुत कुछ सिखाया जा सकता है ।
DeleteWhen he plays, he talks to himself or to himself. Mumbles related to the game. He understands what he is playing and even speaks the name of the object he is playing with.
ReplyDeleteWhile playing in groups they also discuss what to do next.
Imagines things and talks about them.
He expresses his joy at what he could do - see I did it....know what I did...? See how it happened...? etc. sentences exchange spoken experiences.
Bache apne pure mn se khelte h aur apne ass pass k logo k dekhte h aur unka anusaran kr k khelte h jese ghr ghr teacher student
Deleteखेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है हम ये कहे की खेलना बच्चों का अधिकार है उनके अधिकारों से वंचित न करें
ReplyDeleteRight
DeleteNAGENDRA CHHICHHWAखेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है हम ये कहे की खेलना बच्चों का अधिकार है उनके अधिकारों से वंचित न करें
ReplyDeleteबच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।
ReplyDeleteवे मूर्त और अमूर्त वस्तुओं में भेद नहीं कर पाते इसलिए कई बार वास्तविकता से उलट घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। लेकिन खेल और खिलौने आधारित जोड़-तोड़ में वे अपनी कल्पना शक्ति का भरपूर प्रयोग करते हैं
ReplyDeleteबच्चे हर चीज को खेल समझ के कार्य करते हैं और जैसी क्रिया प्रतिक्रिया देखते हैं उन्हें दोहराते हैं।
ReplyDeleteबच्चे हर चीज को खेल समझ के कार्य करते हैं और जैसी क्रिया प्रतिक्रिया देखते हैं उन
ReplyDeleteबच्चे constructive and destructive दोनों ही तरह के खेल खेलते हैं खिलौने तोड़ने के साथ-साथ वे किसी अन्य वस्तु से कुछ अन्य कार्य करना जैसे चम्मच से फावड़ा बनाना, मिट्टी खोदना,पत्तों की प्लेट बनाना, और मिट्टी के snacks सजाना
ReplyDeleteTOY ARE THA BEST TOOL FOR LEARNING
ReplyDeleteबच्चे एक दूसरे के साथ मुख्य रूप से अपनी हम उम्र बच्चों के साथ जल्दी घुल मिल जाते हैं एक दूसरे को प्रेरित कर स्वयं नियम जो उन्हें बताते जाये स्वत सीख आनन्द पूर्वक खेलते हैं |
ReplyDeleteWhile playing children talks to themselves enters in an imaginary world where they understand concepts deeply and clearly. Play way method of teaching is necessary for overall development of children
ReplyDeleteखेल आधारित गतविधिया बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिये बहुत ही महत्व हैj बच्चो का प्रगती का निरिक्षण ओर मूल्यांकन खेल के माध्यम से करने गत विधियोका महत्व अनन्य साधारण है बच्चो की रुची किसमे है उनकी सोच क्या है जानकारी होती है मनोरंजन के माध्यम से सोखनेकी प्रेरणा विकसित कर सकते हैं स्व्यं अनुभव से भी बच्चे सिखते है
ReplyDeleteखेल गतिविधियाँ बच्चों के अनुभव करने, समझने और सीखने का बड़ा और विस्तृत माध्यम होते हैं. खेलो के द्वारा वे अपनी रूचि और क्षमताओं का भी परिचय देते हैं.
ReplyDeleteબાળકોને રમત ખુબ ગમે છે. તેઓ રમતા રમતા સારી રીતે શીખી શકે છે. તેમજ બાળકનો શારીરિક અને માનસિક વિકાસ થાય છે.
ReplyDeleteबच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।
ReplyDeleteबच्चों को खिलौनों का उपयोग करना चाहिए लेकिन उनका मर्यादित उपयोग ही सही होगा बच्चे खिलौने के माध्यम से सीखते हैं लेकिन अतिशयोक्ति उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
Deleteखेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।
ReplyDeleteChildren like playboy learning
ReplyDeleteChildren like playway method learning
ReplyDeletetrue
Deleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।
Deleteखेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं
ReplyDeleteछात्रों की खेल में अधिक रुचि होती है अतः खेल के माध्यम से छात्र विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।
ReplyDeleteबच्चे खेल खेलने बहुत कुछ सीख लेते हैं वह हर एक वस्तु को खिलौनों के रूप में लेते हैं उनके अंदर यह जिज्ञासा होती है के खिलौना कैसे बना है इसके अंदर क्या है यह जानने के लिए वे खिलौनों को तोड़ फोड़ देते हैं और फिर उन्हें जोड़ने की कोशिश करते हैं इस प्रकार वे अपनी समझ का प्रयोग करते हैं और नया कुछ सीखने की कोशिश करते हैं
ReplyDeleteबच्चों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें। बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे लेते है तथा उन्हे तोड़ फोड़ कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समूह मे खेलना पसंद करते है।
ReplyDeleteबच्चों को सबसे प्रिय अपना पसंदीदा खेल होता है और वह इसमें खुशी महसूस कर बहुत सी चीजें सीखते हैं!
ReplyDeleteअलग-अलग उम्रअलग-अलग परिवेश के बच्चे अलग-अलग प्रकार के खेल खेलते हैं और खुश होते हैं वह अपने परिवेश से नई-नई चीजें सीखते हैं और जीवन का स्तंभ निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है
ReplyDeleteWhile playing children talks to themselves enters in an imaginary world where they understand concepts deeply and clearly. Play way method of teaching is necessary for overall development of children
ReplyDeleteअलग-अलग parivesh Mein Rahane wale bacche अलग-अलग Prakar Ke Khel khelte hain jaise shahron mein Rahane wale bacche naye grasiton se khel khelte Hain jabki Gaon Mein Rahane wale bacche Apne parampari khel khelte Hain
ReplyDeleteखेल आधारित गतिविलिधियों बच्चों केसमग्र विकास के लिए बहुत जरुरी हैं। बच्चे इससे बहुत जल्दी सिखतेहै।बच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं l
ReplyDeleteएसीसीई स्कूल और जीवन में सीखने के लिए एक बुनियादी प्रदान करता हैं
ReplyDeleteछात्रों की खेल में अधिक रुचि होती है अतः खेल के माध्यम से छात्र विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।
ReplyDeletegood &true
ReplyDeleteबच्चे खेल करते हुए सहचर्य परस्पर सहयोग भावना साथ ही खेलो से उनके भीतर संपत्ययो जैसे जोड तोड़,अनुकरण करके सीखना इत्यादि सीखते है
ReplyDeleteLearning by Playing.
ReplyDeleteबच्चे खेल खेलने बहुत कुछ सीख लेते हैं वह हर एक वस्तु को खिलौनों के रूप में लेते हैं उनके अंदर यह जिज्ञासा होती है के खिलौना कैसे बना है इसके अंदर क्या है यह जानने के लिए वे खिलौनों को तोड़ फोड़ देते हैं और फिर उन्हें जोड़ने की कोशिश करते हैं इस प्रकार वे अपनी समझ का प्रयोग करते हैं और नया कुछ सीखने की कोशिश करते हैं
DeleteRight
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteVery good information
ReplyDeleteबच्चे में खेल खेल में सामाजिक गुणों का विकास होता है मानवीय गुणों का विकास होता है सहयोग की भावना आती है
ReplyDeleteखेलते हुए ही बच्चे अधिक सीख सकते हैं क्योंकि खेलते समय उनका सारा ध्यान एक जगह की रहता है।
ReplyDeleteBachhe hamesa group me khelna pasand karte hai.khel khel me sikhate bhi hai.
ReplyDeleteBache khilono se khelna pasnd krte h , ve unko todte h aur fir jodne ka prayas krte h .
ReplyDeleteBache apne purane anubhavo se naye gayan ka srijan karte hai.
ReplyDeleteखेलते हुए बच्चे जल्दी सीखते है क्योंकि इसमें उनकी सभी इंद्रियां शामिल होती हैं।
Deleteहम जानते है कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है वह सब कुछ अपने आस पड़ोस से ही सीखता है। शुरुआती वर्षो में बच्चे के सीखने में खेल का विशेष महत्व है क्योंकि बच्चे खेल खेल में बहुत कुछ सिख जाते है खेल के द्वारा बालको का भाषायी कौशल,मोटर कौशल, सामाजिक व भावात्मक कौशल का विकास होता है।
ReplyDeleteLearn by doing
ReplyDeleteAgar bachche daunate hai to kaun tej kaun slow ka gyan hota hai
ReplyDeleteखेल खेल मे बच्चों को सीखना चाहिए
ReplyDeleteखेल आधारित शिक्षण संस्थानों का ज्यादा से ज्यादा विकास होना चाहिए
ReplyDeleteबच्चे समूह में तथा मूर्त वस्तुओ से बेहतर ढंग से सिख पाते है
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
Deleteप्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों में सृजनात्मकता अधिक पायी जाती है, जिससे की वे हर एक चीज को खेल के माध्यम से सिखना ज्यादा पसंद करते है। और गतिविधि आधारित सीखने में ज्यादा रुचि दिखाते है
ReplyDelete। जब बच्चे खे ि गप्तप्वप्ियों में संिगन होते हैं तो वे खुि को बेहतर ढंग से वयक्त कर सकते हैं
ReplyDeleteबच्चे अपने आप खेलते रहते है और आनन्द लेते है साथ ही कुछ न कुछ सीखते रहते हैं खेल में बड़ों को भी शामिल करते हैं।खिलौनों को तोड़ने व फिर से बनाने की कोशिश करते है।आदि-आदि।
ReplyDeleteAksar baache wahi khel kehtlte hai jisme unki ruchi sabse jada hoti hai. Ya jis khel. Ko woh bahut jldi khelna sikh jaate hai
ReplyDeleteUsi tarah ek baacha usi wahi visay samj paata hai jisme uski ruchi ho ya jo visay uski jldi smj aa jata hai
बच्चे खेल के माध्यम से किसी भी कार्य को आसानी से करते एवं सीखते हैं अतः बच्चों में समझ विकसित करने के लिए खेल एक उचित माध्यम हो सकता है जिसके द्वारा उनके रुचि को बढ़ाकर समझ ने की दिशा में रोचक कार्य किया जा सकता है
ReplyDeleteखेलने से अनुशासन आता है और अनुशासन से ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती है |
ReplyDeleteबच्चों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें। बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे लेते है तथा उन्हे तोड़ फोड़ कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समूह मे खेलना पसंद करते है।
ReplyDeleteबच्चों का समग्र विकास उनकी हर एक गतिविधियों खेल बातें करना घूमने दौड़ना नकल करना आदि सभी क्रियो से उनके समग्र विकास होता रहता है यह इनडायरेक्ट होता है खेल से उनको शरीर की गत्यात्मक क्रियो और दिमाग के समन्वय में मदद मिलती है और इस तरह से वह अनजाने में ही आकार बनाना आरोन को पहचानना रंगों को पहचाना और किसी गतिविधि का नकल करना इस तरह की वह चीज सीखते रहते हैं
ReplyDeleteBachhe khel khel me bahut kuch sikhte hai....
ReplyDeleteबच्चे अपनी आस पास हो रही चीजों को लेकर उत्सुक रहते है । अपने आस पास के लोगो को देखकर सीखते है और अपने खेल में उन चीजों को शामिल करते है। जैसे एक बच्चा अपने बड़े भाई को गेंद से खेलते देखता है तो वो भी वैसा ही करता है। अपने आस पास के माहोल से बात करना , दूसरो के साथ अभिव्यति करना, अपने साथियों के साथ खेल खेलना और खेलते खेलते सहयोग की भावना, साझा करना , अपनी बात रखना सीखता है।
ReplyDeleteBache apne pas ki chijo se gule mile hote hai unko un sabke bare me bahut kuch pata hota hai....
ReplyDeleteखेल गतिविधियाँ बच्चों के अनुभव करने, समझने और सीखने का बड़ा और विस्तृत माध्यम होते हैं. खेलो के द्वारा वे अपनी रूचि और क्षमताओं का भी परिचय देते हैं.
Deleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें
ReplyDeleteLearning by playing
ReplyDeleteRight
ReplyDeleteविद्यार्थी खेल प्रेमी होते हैं, खेलते खेलते सीख लेते हैं
ReplyDeleteBacche Khel Khel mein bahut adhik Sikh lete hain jisse unka sharirik aur mansik Vikas hota hai
ReplyDeleteYa it's really true that children learns in any atmosphere..like at home ,school, ground with other children ...and when he learn something with d help of play then I think learning becomes permanent
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteIn intial ages they see animals like cow, dogs, monkey they see and try to count , learn colors, shapes etc
ReplyDeleteWith fingers they count, what they see as vegetable, blocks etc
बच्चे अपने हमउम्र बच्चों के साथ एवं स्थूल वस्तुओं के साथ अपने बनाए नियमों के साथ खेलना अधिक पसंद करतें है।
ReplyDeleteBachchen parivesh se swyam khelate aur seekhate hai
ReplyDeleteBachhe khel khel me jayada behtar tarike se sikhte he...
ReplyDeleteKhel Khel mein jyada behtar tarike se sikhate Hain
ReplyDeleteBachche khel khel mein bahut badhiya sikhate hai.
ReplyDeleteपरिवेश बच्चों के सीखने सिखाने की क्षमताओं को बहुत प्रभावित करता है
ReplyDeletebacche apne aas pass ke parivesh mein ghatit hone wali ghatnaon ko dekhte hain tatha uska anusaran karne ka prayas karte hain.
ReplyDeleteBacho ka sangopang Vikas Hota hai
ReplyDeleteबच्चों के लिए हर वास्तु एक खिलौना है जिसे वे इधर उधर फेंक कर या तोड़फोड़ कर खले सकते हैं तथा हर पल मस्ती में रहते हैं। इन्ही मस्त पलों में वे बहुत कुछ सीखते चलते हैं।
ReplyDeleteबच्चे खेल के आनंददायक माहौल में सीखने में अत्यधिक रुचि लेते हैं।
ReplyDeleteBachche khilono se khelkar achchha seekhte hai.
ReplyDeleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें. बच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।
ReplyDeleteChildren like to play in group and they learn by games and toys
ReplyDeleteBachche apne swyam ke anubhav ke dwara jyada sikhte h( DIY).
ReplyDeleteआसपास के बच्चों में मैं अनुभव किया है कि बच्चे किसी चीजों को जोड़ने कुछ बनाने हैं कुछ नया रचनात्मक कार्यों में ज्यादा तल्लीन रहते हैं उन्हें कुछ नया बनाने नया खेलने में ज्यादा मजा आता है वह ग्रुप में खेलना भी पसंद करते हैं
ReplyDeleteBacche humumra baccho ke saath Acha khelte hai khel khel me shiksa ruchikar lagta hai
ReplyDeleteBachi ek dusari ko dekha seekhat hai
ReplyDeleteVery good thoughts
ReplyDeleteबच्चे खेल खेल में बहुत अच्छे से सीखते हैं
ReplyDeleteखेल के माध्यम से बच्चे रचनात्मक तरीके से आनंदमय परिवेश में सीखते हैं।
ReplyDeleteबच्चे हर वस्तु को खिलौने के रुप मे खेलत है तथा उन्हे तोडफोड कर उसके हरएक भाग को अपनी नजरिये से देखते है,तथा समुह मे खेलना पसंद करते है,और अनुकरण से भी बहुत सारी चिजे सिखते है।
ReplyDeleteविद्यार्थियों को सबसे प्रिय खेल है और इस से मिली हुई सीख को हमेशा याद रखें
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteबच्चे परिवार और classmate's के साथ आसानी से रुचि पूर्वक आनंद लेते हुए अच्छी तरह से सीखते हैं!!
ReplyDeleteKhel gatividhi sabse accha hota hai. Baccha ruchi leta hai.
ReplyDeleteChhote baccho ko khel ke madhyam se sikhaya ja sakta hai
ReplyDeletePre school ke liye khel jaroori
ReplyDeleteबच्चे खेल खेलने के लिए बहुत ही उत्साहित रहते हैं बच्चे खेल-खेलते हुए बहुत कुछ सीख लेते हैं उनके अंदर सब कुछ जानने की जिज्ञासा होती है उदाहरण के लिए मान लीजिए एक बच्चे के पास चलने वाली कार है थोड़ी देर तो वह उसे खिलौना कार से खेलता है पर कुछ समय के बाद वह जानना चाहता है कि यह कार चलती कैसे हैं उसके अंदर ऐसा क्या लगा हुआ है कि यह खिलौना कार दौड़ रही है तो वह उसको तोड़ देता है और फिर उसके अंदर के पुर्जों को देखने के बाद फिर से उसको जोड़ने की कोशिश करता है । इस प्रकार वह हर पल अपने ज्ञान में वृद्धि करता रहता है
ReplyDeleteबच्चे खेलने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं। बच्चे खेल खेलते हुए बहुत कुछ सीख लेते हैं। उनके अंदर सब कुछ जानने की जिज्ञासा होती है। वह कोई भी खिलौना पहले तो खेलता रहता है परन्तु धीरे धीरे इसके बारे में और कुछ भी जानना चाहता है। इसलिए वह खिलौने के साथ जोड़ तोड़ शुरू कर देता है। और इसी में वह बहुत कुछ सीखता है।
ReplyDeleteखेल आधारित शिक्षा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। खेल द्वारा सीखी हुई चीज़ वह कभी नहीं भूलते और अधिक समय तक याद रखते हैं ।
ReplyDeleteखेल व गतिविधि आधारित शिक्षा बच्चों के ज्ञान को स्थाई बना देती है
ReplyDeleteबच्चों की खेल में अधिक रुचि होती है और खेल के माध्यम से बच्चे विषय को आसानी से समझते हैं और आजीवन स्मरण रखते हैं। इससे इनका मानसिक और शारीरिक विकास भी होता है।
ReplyDelete
ReplyDeleteखेल से बच्चे ज़्यादा अच्छा सीखते और आसानी सेआत्मसात करते है
ReplyDeleteबच्चे खेल खेल मे सहजता से सीखते हैं और इस तरह सीखना स्थाई होता है!!