कोर्स 01 : गतिविधि 2 : विचार करें

 प्रत्‍येक इंद्रिय के लिए संवेदी गतिविधियाँ और अनुभवों के बारे में सोचें। साझा करें कि किस प्रकार ये संवेदी गतिविधियाँ आंगनवाड़ी के छोटे बच्‍चों के लिए लाभकारी हैं।

Comments

  1. ईसीसीई विद्यालयी शिक्षा तथा व्यक्तिगत जीवन में सीखने के लिए एक बुनियाद प्रदान करता है

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    1. अंगणवाडी में कि जानेवाली गतीविधिया बच्चोकों भाषेत और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है

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    2. aaganwadi ko sasakat banna

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    3. घर के बाद बच्चा घर के माहौल जैसे आगनबाडी में जाकर बाहरी दुनिया का ज्ञान, स्वयं ही छूकर देखकर अपने अनुभव से ज्यादा सीखता है

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    4. अंगणवाडी मे पढ रहे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलो की मदद से कृतिशील बनाया जमा चाहिये

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    5. अंगणवाडी मे पड रहे बच्चो को खेल की मदद से अच्छे अच्छे अच्छा अनुभव दिया जा सकता है

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    6. नर्सरी क्लास के बच्चो को हम भिन्न भिन्न गतिविधियों तथा एक्टिविटी के द्वारा हम बच्चो को बहूत कुछ सिखाया जाता है टीवी ,प्रोजेक्टर से बच्चो को पिक्चर दिखाना और टेस्ट करवाना, टच करना हम बच्चो को पांचों ज्ञानेंद्रियों द्वारा मस्तिक के तंत्रिका तंत्र को विकसित करना जो बच्चो के जीवन के लिए उपयोगी होते हैं। हम बच्चो के सरवागीन विकास और भविष्य के उपयोग में आने वाली चीजों को उपयोग ओर उसमे क्रमबद्ध जीवन जीने शैली हम साफ रहना आदि प्राथमिक शिक्षा के दौरान सिखाया जाता हे।

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    7. आंगनवाड़ी बच्चों के सिखाने का सशक्त माध्यम है।

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    8. आंगनबाड़ी शिक्षा तथा व्यक्तिगत जीवन में सीखने के लिए एक बुनियाद प्रदान करता है

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    9. संवेदी गतिविधियों से इंद्रिय तन्त्रिकाए सक्रिय होकर कार्य करती है और अन्य तन्त्रिकाओ के साथ संयोजनात्मक मार्ग तलास करती है जिससे बालको का तन्त्रिका विकास सही समय पर होने लगता है।

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    10. आंगनवाड़ी में बालक ज्ञानेंद्रियों के द्वारा अनुभव करके मूर्त और अमूर्त वस्तु के साथ संबंध बनाता है

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  2. પ્રત્યેક ઈન્દ્રિયો નો યોગ્ય વિકાસ કરવા માટે ઈસીસીઈ દ્વારા પ્રારંભિક શિક્ષા માટે તૈયાર કરાયેલ આ સંવેદી ગતિવિધિઓ ખૂબ જ લાભકારી છે.

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  3. बाह्य दुनिया का ज्ञान प्राप्त प्रथम इंद्रियों से ही होता है।

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  4. ઇન્દ્રિયો દ્વારા પ્રાપ્ત કરેલું જ્ઞાન શિખવાની પ્રક્રીયા વધારે છે .

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  5. आंगणवाडी मे कीए जाने वाली गतिविधियोसे बच्चे का मानसिक विकास होता है

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    1. आंगनवाड़ी बच्चों के सिखाने का सशक्त माध्यम है।

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  6. શરુઆત માં બાળકો ને નવા નવા બાળ ગીતો સંભળાવવા જોઈએ જેથી બાળકો ધ્વનિ પકડશે.

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  7. अंगणवाडी में कि जानेवाली गतीविधिया बच्चोकों भाषेत और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है.

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  8. Ask the students to about tastes of different types of food items they eat at home.

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    1. આંગણવાડી માં સરુઆત ના વર્ષો માં બાળકો ને મળેલું જ્ઞાન ખૂબ ઉપયોગી નીવડે છે

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  9. ઇન્દ્રિયો વડે મેળવેલું જ્ઞાન ચિરકાળ સુધી ટકી રહે છે. શરૂઆતના વર્ષોમાં મેળવેલું જ્ઞાન તેમજ શરૂઆતના વર્ષોમાં બાળકને મળેલા અનુભવો પ્રગતિમાં સહાયરૂપ બને છે.

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  10. अंगणवाडी के छात्र अबोध बालक होते हैं।उन्हे जीस उचित दिशा की ओर ले जाना हैं, ले जाने के लिये यह उपक्रम बहुत उपयोगी साबित हो सकता हैं।

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  11. अंगणवाडीतल्या मुलांना विविध प्रकारचे साहित्य आणि खेळणी याद्वारे त्यांच्या मेंदूचा विकास चांगल्या प्रकारे होऊ शकतो.

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  12. આંગણવાડી માં સરુઆત ના વર્ષો માં બાળકો ને મળેલું જ્ઞાન ખૂબ ઉપયોગી નીવડે છે

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  13. ઇન્દ્રિયો દ્વારા પ્રાપ્ત કરેલું જ્ઞાન શિખવાની પ્રક્રીયા તેમજ ઈન્દ્રિયો નો યોગ્ય વિકાસ કરવા માટે ECCE દ્વારા પ્રારંભિક શિક્ષા માટે તૈયાર કરાયેલ આ માહિતીઓ તમામને ખૂબ જ લાભકારી થશે..

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  14. आंगनवाड़ी केन्द्रों से प्राप्त अनुभव बच्चों को विद्यालय में बहुत काम आता है।

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  15. Anganbadi se prapt Anubhav bacchon ke bahut kam Aate Hain

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  16. इन्द्रियों द्वारा प्राप्त ज्ञान ही उत्तम माध्यम है ।

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    1. क्या कोई और भी माध्यम है ज्ञान प्राप्त करने का?

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  17. ઇન્દ્રિયો ઘ્યારા જ્ઞાન ચિરંજીવ હોય છે

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  18. नमस्कार साथियो आंगनवाडी मे की जानेवाली गतिविधियो बच्चो को भाषा और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है

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  19. The learners can easily learn some matters which has practical aspects to make them better by providing sensation through practicals.

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  20. आंगनवाड़ी क्षेत्र में की जाने वाली क्रियाकलाप बाल जीवन के भविष्य के लिए बहुत ही अच्छी होती है

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  21. आगनवाडी में कि जाने वाले गतिविधिया बच्चो का मानसीक विकास होता हैं

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  22. बाल्य काल में जो आदत बन जाती हैं वह जीवन पर्यन्त बनी रहती हैं

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    1. आंगनबाड़ी में बच्चे विद्यालय आने की तैयाारी करतेहै ।

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  24. Such activities help to give concrete understanding of sensory organs and help children to become more active and aware of their surroundings

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  25. शिशु एवं बालसंगोपन अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं संवेदनशील मुद्दा है, पञ्चज्ञानेन्द्रीय विकास के साथ ही सच्चे अर्थों में सर्वांगीण विकास के लिए अभ्यान्तरिक दृष्टि से शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भाषिक एवं वैचारिक विकास के साथ ही, वाह्य दृष्टि से सामाजिक और व्यावहारिक विकास के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए

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    1. शिशु एवं बालसंगोपन अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं संवेदनशील मुद्दा है, पञ्चज्ञानेन्द्रीय विकास के साथ ही सच्चे अर्थों में सर्वांगीण विकास के लिए अभ्यान्तरिक दृष्टि से शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भाषिक एवं वैचारिक विकास के साथ ही, वाह्य दृष्टि से सामाजिक और व्यावहारिक विकास के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए

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  26. Sensory activities encourages learning through exploration.problem solving and creativity and helps in the development of language and motor skills

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  27. बच्चों को जीभ द्वारा अलग-अलग तरह के खाने योग्य पदार्थ के स्वाद को पहचानने की गतिविधि कराई जा सकती है,, नाथद्वारा अच्छे और बुरे सुगंध के बारे में बताया जा सकता है कान द्वारा मधुर और कर्कश स्वर की पहचान कराई जा सकती है

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  28. At ECCE stage child can learn so many general things from his experience and can be prepared for better schooling.

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  29. ईसीसीई के द्वारा बच्चों की अच्छी से देखभाल के बारे में सीखा जा सकता है।

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  30. Indriya sanvedi gatividhi bacho ke mansik vikas me sahayak hongi

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  31. Use of Sense organs is really first step to learn touch smell seeing stimulating activities are required in anganwadi

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  32. पांचों ज्ञानेंद्रियों का विकास आंगनबाड़ी में भी हो सकता है विभिन्न प्रकार की छोटी-छोटी गतिविधियां कराकर के बालकों की ज्ञान इंद्रियों का विकास किया जा सकता है

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  33. बच्चों की सभी ज्ञानेंद्रियों के विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चो के साथ विभिन्न गतिविधियां करानी बहुत आवश्यक है।

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  34. For proper development of sense organs,a child needs safe environment where he gets different opportunities to engage freely so that he can observe and react thus make himself able to react.

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  35. these activities help children in their mental development and to make use of the sences in their learning process

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  36. In initial age child development be so fast , that we may get wonderful results

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  37. बाह्य दुनिया का ज्ञान प्रथम इंद्रियों से ही प्राप्त होता है।

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  38. हम बच्चो के लिए माचिस की खोखो को एक धागे में पिरो कर उसपर गिनती कलर एनिमल लिख सकते ही और उसको धागे से खींचकर बार बार रोकेंगे जिस बच्चे के पास जो खोखा आएगा बच्चा उसे याद रखेगा

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  39. अंगणवाडी के छात्र अबोध बालक होते हैं।उन्हे जीस उचित दिशा की ओर ले जाना हैं

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    1. Aanganvadi ke chhatar avodh balak hote hain unhe jis disha main modna chaho mod sakte ho

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  40. प्रत्येक ज्ञानेन्द्रिय के लिए संवेदी गतिविधियाँ और अनुभव बाल्यावस्था में ज्ञानेन्द्रियों और मष्तिस्क के संयोजन में अत्यंत उपयोगी तथा महत्वपूर्ण होती है. ये अनुभव दीर्घकालीन प्रभाव डालने वाले होते हैं. अतः भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं.

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  41. ઇન્દ્રીઓ વડે મેળવેલું જ્ઞાન ચિરાકાળ સુધી ટકી રહે છે. શરૂઆતના વર્ષોમાં મેળવેલું જ્ઞાન તેમજ શરૂઆતના વર્ષોમાં મળેલા અનુભવો પ્રગતિમા સહાયરૂપ બને છે.

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  42. अंगणवाडी में गतीविधी ही बच्चोंका सिखने का आधार है | बच्चोंको देखना, सुनना, स्पर्श करना, चखना, सुंघना इसमें नैसर्गिक रुची रहती है | खट्टा, मिठा ये स्वाद बच्चे अनुभव करके ही जान सकते है | गरम, ठंड ये स्पर्शग्यान से ही बच्चे जान सकते है | अपने घर के आसपास क्या क्या है ? इसकी जानकारी बच्चे हरदिन अंगणवाडी में आते जाते जो देखते है उसिसे ही बता सकते है |
    आरंभिक वर्षोंमें हर बच्चा अपने परिवेश से सिखने की शुरुवात करता है | परिवेश से जुडे अनुभावों को गतीविधी से जोडने का काम अंगणवाडी कार्यकर्ती करती है |

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  43. Senses are the gateways of Knowledge. By stimulating different senses, child's capacity to learn increass.

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  44. गेंद फेंकना ध्वनियों को ध्यान से सुनना स्वाद महसूस करना ठंडे गर्म का अनुभव करना और गंध महसूस करना इन प्रकार की गतिविधियों को हम बच्चों को करा कर बच्चों का संपूर्ण ज्ञानेंद्रिय विकास कर सकते हैं।

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    1. आगनबाडी गतिविधियों बच्चों को ज्ञानेंद्रिय विकास के लिए आकर्षित किया जा सकता है आंगनबाड़ी संपूर्ण ज्ञानेंद्रिय विकास कर सकता है

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  45. अंगणवाडी मे पढ रहे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलो की मदद से कृतिशील बनाया जमा चाहिये

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  46. ECCE बच्चे को घर के परिवेश से निकल कर विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने में एक पुल की तरह कार्य करता है, जिसमे बच्चा घर जैसा माहौल और जुड़ाव महसूस करता है,जो उसके ज्ञान को स्थायी बनाने में सहायक है।

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  47. अंगणवाडी के छात्र अबोध बालक होते हैं।उन्हे जीस उचित दिशा की ओर ले जाना हैं, ले जाने के लिये यह उपक्रम बहुत उपयोगी साबित हो सकता हैं।

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  48. आगनबाड़ी मे प्रवेश करने के बाद वाह्य कारकों के बारे मे बच्चें अपनी इन्द्रियों का प्रयोग ज्यादा करता है एवं इन्द्रियों द्वारा सीखा गया ज्ञान स्थाई होता है इसी समय उसके मन मे बहुत सारे सवाल भी होते हैं और उनके बारे मे जानने के लिए इन्द्रियों का प्रयोग करता है।

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  49. आंगनबाड़ी में बच्चे खेल-कूद के माध्यम से सीखते हैं।इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और सांसारिक विकास होता है।गत्यात्मक एवं सामाजिक विकास भी प्रबल होता है।

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  50. The learners can easily learn some matters which has practical aspects to make them better by providing sensation through practicals.

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  51. आंगनबाडी का सघन निरिक्षण किया जाना चाहिए और आंगनबाडी में चल रही गतिविधियों की विधिवत समीक्षा करते हुए उसे अतिशीघ्र सुधारने की आवश्यकता है। आंगनबाडी का संचालन अधिकतर जगहों पर केवल खानापूर्ति बन कर रह गई है निरिक्षण के नाम पर "सब गोलमाल है " वाली कहावत चरिततार्थ होती दिखाई दे रही है। जिसको सुधारना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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  52. This comment has been removed by the author.

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  53. बच्चो के बोलने की क्षमता में भी वृध्दि के लिए लाभदायक है

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  54. ECCE vidyalayi siksha aur vyaktigat jeevan ke liye ek buniyad pradan karta hai

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  55. FROM ECCE STUDENTS GET MENTOL AND PHYSICALDEVELOPMENT

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  56. घर के बाद बच्चा घर के माहौल जैसे आगनबाडी में जाकर बाहरी दुनिया का ज्ञान, स्वयं ही छूकर देखकर अपने अनुभव से ज्यादा सीखता है

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  57. Anganvadi me ki Jane wali gatividhiyan bacche ke vikas ke liye bohut avashyak hai

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  58. आंगनबाड़ी में कराई जाने वाली गतिविधियां बच्चों के संज्ञानात्मक विकास का आधार तैयार करती है जिस पर उनका व्यक्तित्व विकास निर्भर करता है

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  59. बच्चों की सभी ज्ञानेंद्रियों के विकास के लिए यह जरूरी है कि सभी ज्ञानेंद्रियों के प्रयोग से संबंधित गतिविधियां करवाई जाए जैसे स्वाद संबंधी , देखने के लिए विभिन्न चित्रों से संबंधी गतिविधियां , श्रवण कौशल के लिए कहानी सुनना सुनाना आदि

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  60. बाह्य दुनिया का ज्ञान प्राप्त प्रथम इंद्रियों से ही होता है।

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  61. अंगणवाडी में कि जानेवाली गतीविधिया बच्चोकों भाषेत और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है

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  62. Aangan wadi mae kahani sunna aur sunana, khilonae banana , unhae rangna etiyadi bachon ko aagae sekhnae k liya tayar karega

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  63. आगनवाड़ी में की गई गतिविधियां बच्चो के लिए लाभकारी और सामाजिक परिवेश से जोड़ने वाली होती है,,,!

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  64. Practical knowledge is permanent for children

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  65. आंगनवाड़ी के बच्चो की गतिविधियाँ खेल आधारित होनी चाहिए जिससे बच्चो को आनन्द आवे । ठोस वस्तु , चित्र,मिट्टी से स्वतंत्र कार्य के भरपूर अवसर दिए जाने चाहिए एवं उन अध्यापक द्वारा प्रश्नोत्तर विधि से शिक्षण कार्य होना चाहिए।
    आईसीटी का प्रयोग भी होना चाहिए।

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    1. संज्ञानात्मक विकास की गतिविधियाँ,रोल प्ले, मार्निंग सर्कल टाइम, खेल के नियम में माता - पिता को सम्मिलित किया जाना चाहिए ताकि मौखिक भाषाई विकास हो सके बच्चो को बोलने ,कार्य करके सीखने के भरपूर अवसर मिलने चाहिए।

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    2. Bachhe dekdekke sikte hai pahela anganavadi me

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  66. प्रतेक गतिविधि बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिए लाभदायक होती हैं

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  67. आगनवाढी में ऐसी गतिविधियों को कराया जाना चाहिए जो कि बच्चों के लिए आकर्षित हो

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  68. This comment has been removed by the author.

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  69. प्रत्येक इंद्रिय के लिए अभ्यास कराया जाना चाहिए

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  70. ईसीसीई विद्यालय शिक्षा तथा व्यक्तिगत जीवन में सीखने के लिए एक बुनियाद प्रदान करता है|

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  71. बगीचे और प्रांगण के अंदर खेले गए खेल, नृत्य, संगीत, चित्र आँकना, रंग भरना, सामान्य बात - चीत, कहानियाँ एवं नाटक द्वारा बच्चे आसानी से सीखते हैं।

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  72. 3 से 6 वर्ष के बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं जिस प्रकार कच्ची मिट्टी जैस आकार देता है वह वैसा बन जाता है इसी प्रकार आगनबाडी या प्री स्कूल में खेल के माध्यम से आकार दिया जा सकता है ।

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  73. बच्चा अपना स्वयम का अनुभव तो रखता है, जो कि उसका अपना जरूरत पूरा करता है। पर हमारे वंचित स्तर को पाने के लिए उतना ही तैयार होता है जितनी कि कुम्हार के हाथों की मिट्टी जिससे वह मन माफिक आकार गढ़ता है। आप चाहे कोई भी आकार में गढ़ लें।

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  74. Anganwadi and pre school education should include gardening as an important activity , developing their hands on experience at maximum

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  75. Children are very good listener if you focus on there ability they will understand you and listen also take the different techniques and activity base learning

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  76. Preschool education must focus on skills like listening and speaking more . Further the activities such as gardening, work education, dance and drama , music must be included in it.

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  77. आंगनबाड़ी में की गई गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है

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  78. This will develop their mind rapidly and appropriately.

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  79. बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है

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  80. आंगनबाड़ी में बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है

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  81. Aanganbaadi m bachho ka sarvaangin v mulbhut vikas hota h ji

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  82. आंगनबाड़ी के माध्यम से LSRW में से मुख्य या प्रारंभिक क्षमता सुनना और बोलने के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

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  83. संवेदी गतिविधियों के माध्यम से न केवल ज्ञानेन्द्रियों का विकास होता है अपितु ज्ञानार्जन की प्रक्रिया अधिक शशक्त होती है।

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  84. अंगणवाडी मे पड रहे बच्चो को खेल की मदद से अच्छे अच्छे अच्छा अनुभव दिया जा सकता है

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  85. poems , play method and real life experiences will help child to learn in primary stage

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  86. बच्चों को कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है।

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  87. बच्चे ज्ञान के स्व निर्माता होते है वे प्राय अनुभव आधारित अधिगमो से सीखते है

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  88. Children Learn well when we teach well with 100% efforts, that's it

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  89. संवेदी गतिविधियाँ द्वारा आंगनवाड़ी के छोटे बच्चों का मानसिक विकास होता है l विद्यालय में बच्चे रूचिपूर्ण रुप से सीखते हैं l

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  90. अंगणवाडी मे पढ रहे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खेलो की मदद से कृतिशील बनाया जमा चाहिये

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  91. खेल खेल में बच्चों को कृति शील बनाना आंगनवाड़ी का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए

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  92. प्रारंभिक वर्षों की गतिविधियां हमेशा के लिए स्थाई होती है जो की जीवन भर साथ देती है प्रारंभिक जीवन में संवेदनाओं से मस्तिष्क का अच्छा विकास होता है तांत्रिकाएं अधिक विकसित होती है

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  93. Early childhood care and leaening is very important

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  94. स्विस मनोवैज्ञानिक "जीन पियाजे" ने अपने सिद्धांत में संज्ञानात्मक विकास का एक व्यवस्थित अध्ययन किया है जिसे चार अवस्थाओं में वर्गीकृत किया गया है और 'संवेदी प्रेरक अवस्था' उनमें से एक है।
    संवेदी प्रेरक अवस्था' जन्म से लेकर दो (0-2 वर्ष) तक रहती है। शिशु दुनिया को समझने के लिए अपनी इंद्रियों और प्रेरक क्षमताओं का उपयोग करते हैं, सजगता के साथ शुरुआत करते हैं और संवेदी प्रेरक कौशल के जटिल संयोजन के साथ समाप्त होते हैं।
    संवेदी प्रेरक अवस्था में, शिशु संवेदी और प्रेरक गतिविधि के माध्यम से दुनिया का पता लगाते हैं। वे अपनी इंद्रियों के माध्यम से पहचानते हैं, महसूस करते हैं और समझते हैं पर्यावरण का अनुभव करते हैं।
    संवेदी प्रेरक अवस्था की विशेषताएं:

    वस्तु स्थाइतव
    प्रारंभिक प्रतिनिधित्ववादी विचार
    कार्य-कारण की अवधारणा को विकसित करता है
    सरल सजगता और अलगाव की चिंता
    प्रेरक गति के साथ इंद्रियों का समन्वय

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  95. संवेदी गतिविधियों के माध्यम सीखाना से बाल जीवन के लिए बहुत ही अच्छा है

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  96. This is very important for childhood

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  97. आँगनवाडी मे बच्चों को खिलोनो के माध्यम से किर्या आधारित सीखने पर बल देना चाहिए

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  98. आंगनबाड़ी में बच्चा अन्य बच्चो के साथ मिलकर खिलौनों से खेलते हुए सीखता है.

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  99. शैशवावस्था या प्रारंभिक शिक्षा की आयु में बालक का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक विकास अन्य अवस्था से तेज़ गति से होता है इसी अवस्था मे बालक अपने आस पास के परिवेश के अनुसार अपना अपने आपको ढालने की कोशिश करता है।
    मनोविज्ञान के अनुसार बालक का 90% मस्तिष्क का विकास इस अवस्था मे हो जाता है।

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  100. Ecce and anganwadi provide an excellent opportunity for kids to learn. We can also add multiple objects with multiple surface and texture to be given to kids so they can understand by touch and feel.

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  102. Aanganvadi ke madhyam se bacche apne aas pass ke vatavaran ko samajhne lagte h

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  104. Topic ko better tarike se samzaya gaya

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  105. बच्चो के जीवन के शुरुआती वर्षों का महत्व सबसे ज्यादा होता है।इसलिए गतिविधि आधारित शिक्षण सबसे अच्छा होता है।

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  106. Bache gatividhiyo dwara jyada behtar tareeke se seekhte h .

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  107. आंगनबाड़ी आधार तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

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  108. बच्चों के पांचों संवेदी अंगों के विकास के लिए हम आंगनबाड़ी मे खिलौनो, चित्रों, रेडियो, अंगों को छूकर बताना, आदि गतिविधियों के साथ सीखने को बढ़ावा दे सकते है। ताकि संवेदी अंगों का उचित विकास हो सके।

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  109. अंगणवाडी में कि जानेवाली गतीविधिया बच्चोकों भाषेत और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है

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  110. अंगणवाडी में कि जानेवाली गतीविधिया बच्चोकों भाषेत और सामाजिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है.

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  111. स्थायी ज्ञान प्रदान करने में सहायक है।

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  112. सामान्य तौर से छोटे बच्चे संवेदना से ही सीखते हैं अतः इन्द्रियों के माध्यम से ज्ञान अर्जन कराना चाहिए

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  113. Chhote bache sanvego dwara jyada seekhte h , isliye ye gatividhiya bacho k liye bhut upyogi sidh hoti h .

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  114. Indriyon ke madhyam se sikhne se bacho ka Samagra
    vikash hota hai

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  115. Indriyo se prapt gyaan isthayi hota hain

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  116. खाना पूर्ति नही होकर स्थाई रूप से कार्य करना होगा।

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    1. सही है तभी कुछ हो सकता है

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  117. बच्चो के जीवन के प्रारंभिक वर्ष उन के संपूर्ण जीवन और समग्र और सर्वांगीण विकास के लिए बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण होते है l अतः ईसीसीई विद्यालयी शिक्षा तथा व्यक्तिगत जीवन में सीखने के लिए एक बुनियाद प्रदान करता है

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  118. प्रत्‍येक इंद्रिय के लिए संवेदी गतिविधियाँ और अनुभवों के बारे में सोचें। साझा करें कि किस प्रकार ये संवेदी गतिविधियाँ आंगनवाड़ी के छोटे बच्‍चों के लिए लाभकारी हैं।

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  119. Ecce and FLN formal education ke liye yojak kadi ka karya kr rhe h

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  120. आंगनवाड़ी में बच्चे ज्ञानेंद्रियों के माध्यम से सीखते हैं और ज्ञानेंद्रियों के माध्यम से सीखना बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है

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  121. आंगनवाड़ी बच्चो के प्रारंभिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जहां बच्चे शारिक विकास के तंत्रिका के सिद्धांतो के आधार पर विकसित होते है।

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  122. बच्चों को प्यार से सिखाना चाहिए । लड़की लड़का जैसे भेद भाव नही करना चाहिए

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  123. आगनवाड़ी मै खेलों की मदद से अच्छा ज्ञान दिया जा सकता हैं

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  124. बच्चों को आंगनवाड़ी में और घर पर भी विभिन्न प्रकार के खिलौनों द्वारा ,गतिविधियों द्वारा,छूकर महसूस कराना,स्वाद लेना,सूंघना(विभिन्न फूलों या खाद्य पदार्थों ) द्वारा भी शारीरिक,मानसिक विकास में सहायक है।

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  125. Aanganbadee ki shiksha bachchon me Padhye ki Ruchi ko Vikas it Kartik hae

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  126. बच्चों का संवेदनात्मक विकास अपने अनुभवों और संवेदी
    अंगों के प्रयोग से होता है

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  127. खेल एक अच्छे माध्यम हो सकता है सभी ज्ञानेंद्रिय का अनुभव देने के लिए।
    इसके अलावा उन्हें भोजन के दौरान सूंघने और ठंडा और गर्म का अनुभव दिया जा सकता है।

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  128. Anganbadi bacchon ko Sundar aur sashakt Madhyam Mein sikhane ka

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  129. अंगणवाडी के छात्र अबोध बालक होते हैं।उन्हे जीस उचित दिशा की ओर ले जाना हैं, ले जाने के लिये यह उपक्रम बहुत उपयोगी साबित हो सकता हैं।

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  130. जीन पियाजे ने संवेदी गामक अवस्था का वर्णन किया है बच्चों की मोटर स्किल हेतु खिलौनों के साथ छोटी छोटी क्रियाएं कराई जाय ।

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  131. आंगनवाड़ी बच्चों को सिखाने का सशक्त माध्यम है

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  132. बुनियादी शिक्षा बच्चो के लिए अमृत के समान है ।

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  133. संवेदी गतिविधियों से इंद्रिय तंत्रिकाएं सक्रिय होकर कार्य करती हैं, जिससे बालक का मानसिक विकास होता है।

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    1. ईसीसीई संवेधनशील गतिविधि सभी इंद्रियो से संबंधित गतिविधि बच्चों से करवाने की बात करता है, ये गतिविधियां बच्चो के परिवेश से जुड़ी हुई होनी चाहिए। जिससे से बच्चे जल्दी सीखेंगे।

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  135. ईसीसीई के द्वारा बच्चे के विकास के सभी आयाम में दक्षता से हासिल होती है और स्कूली शिक्षा के लिए तत्पर होता है साथ ही साथ सर्वांगीण विकास की नींव रखी जाती है जो की एक कुशल नागरिक होने के लिए बच्चों को प्रेरित करती है

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  136. यह सत्य है कि किसी भी बच्चे के प्रारंभिक वर्ष उसके सही विकास क लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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  137. Sensory motor activities are essential part of early stage developmental stage

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  138. आंगनवाड़ी में संवेदी गतिविधियों द्वारा बच्चों के इन्द्रियों का समुचित विकास होता है।

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  139. प्रिंस स्कूलिंग गतिविधियां बच्चों के सशक्त विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है बच्चों की इंद्रियों का विकास गतिविधियों के माध्यम से काफी सशक्त हो जाता है

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  140. आंगनबाड़ी में बच्चों के आध्यात्मिक विकाश पर भी ध्यान देना होगा।

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  141. बच्चे की संवेदनाएं उसके मन से जुड़ी होती हैं अतः उनके स्वस्थ विकास के लिए उनके अनुकूल वातावरण की बात की जाती है

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  142. प्रारम्भिक वर्ष व्यक्ति निर्माण, बुद्धि, अधिगम के लिए आदर्श काल है |

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  143. प्रारम्भिक वर्ष व्यक्तित्व निर्माण में बहुत हीं महत्वपूर्ण होता है।

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  144. बच्चों को प्यार से सी खाना चाहिए क्योंकि बच्चे मन के सच्चे होते हैं

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  145. Early age is important for children

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  146. प्रारम्भिक वर्षों का प्रभाव अंत तक रहता हैं, अतः बच्चे के सीखने के ये सबसे महत्वपूर्ण समय है

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  147. Bachche aanganwadi me paraspar antahkriya karte Hain ek dusre se batcheet karte Hain sath sath khelte Hain isse Inka mansik sharirik aur bhavanatmak vikas me sahayta milti ha

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  148. आंगनबाड़ी के छोटे बच्चों के लिए ऐसी गतिविधियां जिनमे उनकी हाथ पैर और दिमाग इंवॉल्व हो जिससे उनमें सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल का विकास हो सके

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  149. This comment has been removed by the author.

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  150. Learn by sense results in development of mind

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  151. आंगनवाड़ी केन्द्रों से बच्चों को बुनियादी शिक्षण एवम् सर्वांगीण विकास में मदद मिलती हैं।इससे बच्चे घर जैसे वातावरण में खेलकूद आधारित गतिविधियों से सीखते हैं।

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  152. Sensory organ se hi Hume bahari dunia ka samajh ata hai...gyan bikasit hota hai..jo Hume bhavi jiban me lav dayak hote hain

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