कोर्स 06 : गतिविधि 6 : अपने विचार साझा करें
मान लीजिए कि आपके क्षेत्र में एक प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ई.सी.सी.ई.) केंद्र/ पूर्व प्राथमिक विद्यालय कक्षा का निर्माण होने जा रहा है। आपके अनुसार उस केंद्र को अधिक समावेशी, न्यायसंगत और सुलभ बनाने के लिए क्या सुविधाएं होनी चाहिए? दिव्यांग बच्चों के लिए इसे और अधिक सुलभ बनाने के लिए मौजूदा ई.सी.सी.ई. केंद्र/ पूर्व प्राथमिक विद्यालय केंद्र के उन्नयन के लिए संशोधनों का भी उल्लेख करें?
विद्यालय केंद्र
ReplyDeleteBala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important
Deletemake proper infrastructure as per requirement of children specially diabled students
DeleteBala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important
Deleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
DeleteAll children should be given equal opportunity to learn
DeleteStudy material acha hona chahiye basic facilities honi chahiye familiar mahol hona chahiye
Deleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
DeleteAll students should get equal chance of activities as per their interest.
DeleteECCE should be enhanced to support Pre education.
DeleteBala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important.
ReplyDeleteBala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important
Deleteala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important.
DeletePl prepare good facility
ReplyDeleteFriendly atmosphere and facility for all basic needs provided
Deleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
DeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteभौतिक परिवेश में बाउण्ड्री वॉल,खेल का मैदान,आयु के अनुसार खेल के खिलौने,बिग बुक,प्रिंट रीच सामग्री,प्रशिक्षित दाई,शौचालय,आगनबाड़ी कार्यकर्ता जो प्रशिक्षित पढने के लिए TLM, ज्यादा पिक्चर वाली बुक आदि
ReplyDelete3, 2023 at 6:02 AM
ReplyDeleteइसके लिए समावेशी शिक्षा प्रदान करने के भरपूर अवसर पैदा करने वाले संसाधन होने चाहिए। दिव्यांग बच्चों का ध्यान रखने के लिए रैंप की व्यवस्था होनी चाहिए और जमीन पर चलने के संकेतक बिछे हों।
आयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर, पौष्टिक भोजन सामग्री,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी चीजें है।
ReplyDeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteभौतिक परिवेश में बाउण्ड्री वॉल,खेल का मैदान,आयु के अनुसार खेल के खिलौने, बिग बुक,प्रिंट रीच सामग्री, प्रशिक्षितदाई, ,आगनबाड़ी कार्यकर्ता जो प्रशिक्षित पढने के लिए TLM, ज्यादा पिक्चर वाली बुक आदि। इसके लिए समावेशी शिक्षा प्रदान करने के भरपूर अवसर पैदा करने वाले संसाधन होने चाहिए। दिव्यांग बच्चों का ध्यान रखने के लिए रैंप की व्यवस्था होनी चाहिए और जमीन पर चलने के संकेतक बिछे हों। आयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर, पौष्टिक भोजन सामग्री,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी चीजें है।
बच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
ReplyDeleteThere should be proper light,fans,safe drinking water, swings etc. Walls with bala paintings, toys,print rich materials, nutritive food,toilet and ramp for children with special needs
ReplyDeleteयेस...
DeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteबच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
True
DeleteThe building should be constructed with boundary wall. There are some construction which makes children to learn from them. There are some places for children to make some programs with their capabilities.
ReplyDeleteबच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
ReplyDeleteगतिविधि बच्चों की आयु के अनुसार होनी चाहिए गतिविधि अधिक लंबी भी नहीं होनी चाहिए जिससे बच्चे बोरियत महसूस कर सके
ReplyDeleteगतिविधि बच्चों की आयु और उनके बौद्धिक विकास के अनुरूप होनी चाहिए ताकि छोटे बच्चे लंबी गतिविधियों में बोरियत महसूस करते हैं,,!
ReplyDeleteSpecial toilets Ramps are very welcoming things in inclusive School Audio Visual TLM is also need for these small kids
ReplyDeleteआयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी चीजें है।गतिविधि बच्चों की आयु और उनके बौद्धिक विकास के अनुरूप होनी चाहिए ताकि छोटे बच्चे लंबी गतिविधियों में बोरियत महसूस न करें
ReplyDeleteBacho ko ek nischit ground me jisme full security ho evam colour full baundry wall ho me play activities sikhai jaye
ReplyDeleteईसीसी सेंटर में सबसे पहले तो बच्चों की शुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल होना बहुत ही जरूरी है फिर बच्चों की आयु अनुसार खेल खिलौने जैसे ब्लागर,वाल, फिसलने के लिए फिसलपट्टी, झूले, बच्चों के चलने के लिए रैम्प,ब्हील चेयर, बच्चों के उम्र के अनुसार शौचालय और प्रशिक्षित शिक्षक जो कि बच्चों के विकासात्मक परीक्षण करने में सक्षम हो
ReplyDeleteइत्यादि फैसलेटी होनी चाहिए
Sarvpratham use Kendra ke Charon or boundary Walon Ne chahie Sath hi Sath use kaksh Mein ramp ki vyavastha Hona chahie jisse Divyang ya viklang Balak aasani se use per Chadh sake aur Shiksha dene ke liye atirikt se Adhik se Adhik tlm ka bhi Nirman Udhar Hona chahie
ReplyDeleteआयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी चीजें है।गतिविधि बच्चों की आयु और उनके बौद्धिक विकास के अनुरूप होनी चाहिए ताकि छोटे बच्चे लंबी गतिविधियों में बोरियत महसूस न करें l
ReplyDeleteAll children should be given equal opportunity to learn
ReplyDeleteआयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर, पौष्टिक भोजन सामग्री,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी चीजें है।
ReplyDeleteThere should be more materials for the inclusive classroom and the environment a friendly one suiting every child.For special disability children,the school should be well organised.
ReplyDeleteenvironmental friendly activities should be there
ReplyDeleteSuitable furniture for all students
ReplyDeleteखेल आधारित शिक्षा से बच्चे जल्दी सीखते है
ReplyDeleteबच्चों को चित्रों की सहायता से सीखा कि ओर आकर्षित करता है
ReplyDeleteबच्चों को वातावरण और रंगीन चार्ट में चित्र साझा कर समझाना
ReplyDeleteबच्चों की मानसिक स्थिति को देखते हुए अभ्यास कराना
ReplyDeleteसभी उपयोगी संसाधन जरूरी हैं
ReplyDeleteमुख्य यह है कि उस परिवेश के अन्दर जो सामग्रियां हैं।उनके उपयोग की एक शिक्षक को कितनी जानकारी है इसलिए सर्वप्रथम शिक्षक अच्छा प्रशिक्षक होना चाहिए।
ReplyDeleteSabhi bacchon ko ek saman Shiksha prapt Ho
ReplyDeleteसभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए जिससे बच्चे का समग्र विकास हो सके l
ReplyDeleteSabhi bachcho ki pahunch asan ho tatha khel ki sabhi gatividhiyon ho
ReplyDeleteबच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्ण
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ReplyDeleteप्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा मे होनी चाहिये
ReplyDeleteविशेष प्रकार के बालकों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए अभिभावकों व शिक्षकों को
ReplyDeleteशिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित और सही तरीके से प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण है।
ReplyDeleteबच्चों के लिए विशेषज्ञ सामग्री और शिक्षा साधनों का सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि वे सही तरीके से सीख सकें।
Khel Parisar ko is Prakar design kiya jaaye Taki Divyang bacchon ko Koi samasya Na Ho aur vah Har Tarah Ki gatividhi aaram se kar
ReplyDeleteThe activity should be according to the age of the children. The activity should not be too long so that the children may feel bored.
ReplyDeleteईं.सी.सी.ई. केंद्र गांव से बाहर स्थापित न होकर गांव के बीच में स्थापित होने चाहिए ताकि छोटे बच्चे आसानी से वहां पहुंच सके और वहां के निवासी भी अपनी पूरी भागीदारी निभा सके।
ReplyDeleteविशेष बच्चों को चलने के लिए सुलभ राम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन करके मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास कर सके।
ReplyDeleteई सी सी ई विधार्थी को कक्षा स्तर पर जाने में सहायक होता है
ReplyDeleteUs kendra mei baccho ke. Sikhne ki haar samagri honi chaiea.. Aur woh kendra school ke. Pass hona chaiea taki bacche waha aasani se ja sake..
ReplyDeleteआईसीटी सुविधाओ से सुसज्जित होना चाहिए
ReplyDeleteविशेष आवश्कता वाले बच्चों के लिए उनके अनुरूप TLM की व्यवस्था होनी चाहिए
समय समय पर विशेष टीचर विजिट करे जिससे विशेष बच्चों को पहचाने में दिक्कत न हो
रैंप व रेलिंग की समुचित व्यवस्था हो
दिव्यांग शौचालय और रैम्प अवश्य होना चाहिए। बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री होनी चाहिए। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के TLM होना चाहिए।
ReplyDeleteईसीसी केंद्र से स्थान पर बनाया जाना चाहिए जो पहुंचने में सुलह हो और जिसकी दीवारें बाला कॉन्सेप्ट से रंगी हो तथा उसमें एक छोटा सा गार्डन हो खेलने के लिए उपकरण जैसे शिक्षा झूला इस तरह के खेल सामग्री तथा काउंटिंग और अल्फाबेट के डिजाइन जो फर्श पर बनाए जाते हैं जिससे बच्चे गतिविधि करते हैं और दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप व्हीलचेयर और जिस तरह की दिव्यंका उनके अंदर है एरिंग हियरिंग एड सामानों से उपकरणों से लैस होना चाहिए
ReplyDeleteएक समावेशी कक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपर्युक्त गतिविधियाँ ; तथा एक प्रभावी ईसीसीई कार्यक्रम के लिए माता - पिता, समुदाय और अन्य भागीदारों के साथ सार्थक संबंध बनाना । उच्चतर माध्यमिक स्तर पर ईसीसीई के पाठ्यक्रम में सिद्धांत और व्यावहारिक दोनों घटक शामिल हैं।
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ReplyDeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
Deleteभौतिक परिवेश में बाउण्ड्री वॉल,खेल का मैदान,आयु के अनुसार खेल के खिलौने, बिग बुक,प्रिंट रीच सामग्री, प्रशिक्षितदाई, ,आगनबाड़ी कार्यकर्ता जो प्रशिक्षित पढने के लिए TLM, ज्यादा पिक्चर वाली बुक आदि। इसके लिए समावेशी शिक्षा प्रदान करने के भरपूर अवसर पैदा करने वाले संसाधन होने चाहिए। दिव्यांग बच्चों का ध्यान रखने के लिए रैंप की व्यवस्था होनी चाहिए और जमीन पर चलने के संकेतक बिछे हों। आयु के अनुसार खिलौने ,रंगीन चित्रों वाली किताबे, फर्नीचर, पौष्टिक भोजन सामग्री,प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण कुछ जरूरी
सभी बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिए उन्नत तकनीक आधारित सुविधाएं होनी चाहिए
ReplyDeleteEcce में ध्यान रखा जाए की बच्चो का सर्वागीन विकास हो पाए
ReplyDeleteआंगनबाड़ी केंद्र में सभी बच्चों को सामान एक्टिविटी के अवसर मिले तथा उन्हें समान रूप से खेल तथा सामग्रियों उपलब्ध कराया जाना चाहिए
ReplyDeleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
ReplyDeleteSabhi bacchon ki Shiksha aur dekhbhal Ke liye unnat taknik aadharit suvidha honi chahie ecce mein Dhyan Rakha jaaye ki bacchon ka sarvageen Vikas Ho khel aadharit Shiksha se bacche jaldi sikhate Hain aur chitron ki sahayata se Bhi sikhane ki aur aakarshit hote Hain
ReplyDeleteECCE supportive
ReplyDeleteव्यक्तिगत विभिन्नताओं को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चो की आवश्यकता अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराएं.
ReplyDeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteBy observing the need of students we sud construct this.ambience sud be gud.student feel ftee
ReplyDeleteBala building/play ground/sports goods/ramp and railing/toilet/projector. Projector is most important.
ReplyDeleteप्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) केंद्र को अधिक समावेशी, न्यायसंगत, और सुलभ बनाने के लिए निम्नलिखित सुविधाओं और संसाधनों का समावेश किया जाना चाहिए:
ReplyDelete### 1. **भौतिक अवसंरचना**
- **पहुँचनीयता:** व्हीलचेयर रैंप, चौड़ी दरवाजे, और स्वचालित दरवाजे।
- **सुलभ शौचालय:** दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुलभ शौचालय, जिसमें पकड़ने के लिए हैंडल और उचित ऊंचाई के उपकरण हों।
- **साइनपोस्टिंग:** ब्रेल संकेत और ऑडियो दिशानिर्देशों का उपयोग।
### 2. **शैक्षिक सामग्री और संसाधन**
- **दृश्य और श्रवण सामग्री:** दृश्य विकलांग बच्चों के लिए ब्रेल किताबें और श्रवण विकलांग बच्चों के लिए श्रव्य सामग्री।
- **अनुकूलित शिक्षण उपकरण:** विशेष शिक्षा सॉफ्टवेयर, बड़े प्रिंट वाली किताबें, और मोटर कौशल के लिए अनुकूलित उपकरण।
- **सांकेतिक भाषा और सांकेतिक भाषा अनुवादक:** श्रवण विकलांग बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा की सामग्री और सांकेतिक भाषा में प्रशिक्षित शिक्षक।
### 3. **शिक्षक और कर्मचारी प्रशिक्षण**
- **विशेष शिक्षा प्रशिक्षण:** सभी शिक्षकों और स्टाफ को विशेष शिक्षा की बुनियादी जानकारी और तकनीकों का प्रशिक्षण।
- **समावेशी शिक्षा रणनीतियाँ:** समावेशी शिक्षा के लिए विभिन्न शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण, जैसे डिफरेंशिएटेड इंस्ट्रक्शन और यूनिवर्सल डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL)।
### 4. **सहायक सेवाएँ**
- **थैरेपी और परामर्श सेवाएँ:** ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, और मनोवैज्ञानिक परामर्श।
- **विशेषज्ञ सहयोग:** बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों जैसे कि बाल मनोवैज्ञानिक, स्पीच थेरेपिस्ट, और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट का सहयोग।
### 5. **सामाजिक और भावनात्मक समर्थन**
- **सहयोगी शिक्षा वातावरण:** एक सहायक और स्वागतशील कक्षा वातावरण बनाना जहाँ सभी बच्चों को स्वीकार और सम्मानित महसूस हो।
- **पीयर सपोर्ट ग्रुप्स:** बच्चों के लिए सहयोगी समूह जहाँ वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और एक-दूसरे से सीख सकते हैं।
### 6. **परिवार और समुदाय का समावेश**
- **परिवार समर्थन कार्यक्रम:** अभिभावकों के लिए कार्यशालाएँ और संसाधन जो उन्हें उनके बच्चों की शिक्षा और विकास में सक्रिय भागीदार बनाने में मदद करें।
- **सामुदायिक आउटरीच:** समुदाय में जागरूकता और सहयोग बढ़ाने के लिए कार्यक्रम और पहल।
### मौजूदा (ECCE) केंद्र/पूर्व प्राथमिक विद्यालय के उन्नयन के लिए संसाधन:
1. **वित्तीय सहायता और अनुदान:** सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों से वित्तीय सहायता प्राप्त करना।
2. **प्रशिक्षण कार्यक्रम:** शिक्षकों और स्टाफ के लिए नियमित प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रम।
3. **सहायक तकनीकी उपकरण:** ब्रेल प्रिंटर, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, और अन्य अनुकूलन योग्य उपकरण।
4. **सहायता सेवाएँ:** स्वास्थ्य सेवाओं और थेरेपी की उपलब्धता, जिनमें शामिल हैं स्पीच और ऑक्यूपेशनल थेरेपी।
5. **अन्य संसाधन:** बच्चों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष शिक्षण सामग्री और उपकरण।
### विस्तृत संसाधनों का उल्लेख:
- **सरकारी नीतियाँ और योजनाएँ:** सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का उपयोग, जैसे समग्र शिक्षा अभियान, जो समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
- **एनजीओ और स्वयंसेवी संगठन:** कई गैर-सरकारी संगठन (NGOs) और स्वयंसेवी संगठन हैं जो विशेष शिक्षा और समावेशी शिक्षा के लिए संसाधन और समर्थन प्रदान करते हैं।
- **स्थानीय समुदाय और अभिभावक समूह:** समुदाय और अभिभावकों का सहयोग प्राप्त करना ताकि वे भी इस मिशन में सक्रिय भागीदार बन सकें।
इन सभी उपायों और संसाधनों के माध्यम से, एक ECCE केंद्र को अधिक समावेशी, न्यायसंगत, और सुलभ बनाया जा सकता है, जिससे सभी बच्चों को उनके विकास और शिक्षा के लिए एक समान अवसर प्राप्त हो सके।
बच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
ReplyDeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteबच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
समावेशी सुविधाएं और डिजाइनबाधारहित पहुँच (Barrier-free Access):रैंप और चौड़ी दरवाजे ताकि व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले बच्चे आसानी से कक्षा में प्रवेश कर सकें।शौचालयों और अन्य सुविधाओं को भी बाधारहित बनाना।सेंसररी फ्रींडली वातावरण (Sensory-Friendly Environment):शोर-शराबे को कम करने के लिए ध्वनि-रोधक (soundproof) कक्षाएं।शांत और आरामदायक कोने जहां बच्चे जरूरत महसूस करने पर आराम कर सकें।विविध शिक्षण उपकरण और सामग्री (Diverse Teaching Tools and Materials):ब्रेल लिपि में किताबें और टेक्टाइल (स्पर्श आधारित) शिक्षण सामग्री।ऑडियो-विजुअल सहायता जैसे सुनने के उपकरण और बोलने वाली किताबें।विशेषज्ञों की उपलब्धता (Availability of Specialists):विशेष शिक्षकों, स्पीच थेरपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरपिस्ट और काउंसलर्स की सेवाएं।नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच और मनोवैज्ञानिक आकलन।न्यायसंगतता सुनिश्चित करने के उपायसभी बच्चों के लिए समान अवसर (Equal Opportunities for All Children):प्रत्येक बच्चे की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) तैयार करना।बच्चों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।समावेशी पाठ्यक्रम (Inclusive Curriculum):ऐसा पाठ्यक्रम जो सभी बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया हो।विविधता और समावेशन पर जोर देने वाले खेल और गतिविधियां।माता-पिता और समुदाय की भागीदारी (Parental and Community Involvement):माता-पिता को बच्चों की शिक्षा में शामिल करना और नियमित बैठकें आयोजित करना।समुदाय के सदस्यों के साथ सहयोग और संसाधनों का आदान-प्रदान।सुलभता बढ़ाने के उपायप्रवेश प्रक्रिया में समावेश (Inclusive Admission Process):सभी बच्चों के लिए सरल और पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया।आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए वित्तीय सहायता और छात्रवृत्ति योजनाएं।सुविधाओं की भौगोलिक सुलभता (Geographical Accessibility of Facilities):स्थानीय परिवहन व्यवस्था को सुधारना ताकि सभी बच्चे आसानी से विद्यालय पहुंच सकें।दूरस्थ क्षेत्रों में ECCE केंद्रों का निर्माण।मौजूदा ECCE केंद्रों/पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों में संशोधनइन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार (Improvement in Infrastructure):मौजूदा भवनों में रैंप और बाधारहित प्रवेश द्वार जोड़ना।शौचालय और अन्य सुविधाओं को विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के अनुकूल बनाना।प्रशिक्षण और विकास (Training and Development):शिक्षकों और स्टाफ के लिए समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकताओं के बच्चों के साथ काम करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम।संवेदनशीलता और विविधता पर आधारित कार्यशालाएं।तकनीकी सहायता (Technical Assistance):डिजिटल शिक्षा उपकरणों का उपयोग जो विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाएं।ऑडियो-वीडियो संसाधनों का समावेश।इन उपायों और सुविधाओं के माध्यम से ECCE केंद्रों और पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों को अधिक समावेशी, न्यायसंगत, और सुलभ बनाया जा सकता है, जिससे सभी बच्चों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
ReplyDeleteat 5:34 AM
ReplyDeleteभौतिक परिवेश में बाउण्ड्री वॉल,खेल का मैदान,आयु के अनुसार खेल के खिलौने,बिग बुक,प्रिंट रीच सामग्री,प्रशिक्षित दाई,शौचालय,आगनबाड़ी कार्यकर्ता जो प्रशिक्षित पढने के लिए TLM, ज्यादा पिक्चर वाली बुक आदि
વ્યક્તિગત ભિન્નતાને ધ્યાનમાં રાખીને શૈક્ષણિક સાધનો સામગ્રી હોવી જોઈએ. બધાની શીખવાની ક્ષમતા અલગ- અલગ હોય છે.
ReplyDeleteDivyang bachcho ke liye ramp toitet TLM adi
ReplyDeleteBacchon ke sarvangi Vikas ke liyeTLM ka prayog Kiya Jana chahie
ReplyDeleteઆંગણવાડી કાર્યકરો અને પ્રાથમિક શિક્ષકો કે જે ધોરણ 1 અને 2 ભણાવે છે તેમનું કોબીનેશન થવું જોઈએ.
ReplyDeleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
DeleteGatividhiyan bacchon ki aayu ke anusar hona chahie lambi AVN badi nahin hona chahie
ReplyDeleteKendra banate samay uska parivesh aakarshak evum ruchipoorna hona chahiye divyang baccho ke liye ramp , toilet aadi sansaadhanon ka Uchit prabandhan hona chahiye aanganwadi karyakatri dwara baccho ke Mata pita se samanvay sthapit Karte huye Kendra ka sanchalan Kiya Jana chahiye
ReplyDeleteECCCE पर दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप , दिव्यांग सुलभ शौचालय , चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय, दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता से संबंधित खिलौने और टीएलएम , पर्याप्त रोशनी युक्त हवादार कमरे आदि ।
ReplyDeleteसभी बच्चो के लिए विद्यालय में सभी सुविधाए उपलब्ध हों जिनकी उनको आवश्यकता है
ReplyDeleteBaccha apne aap ko dara sahma mahsus karta hai Uske Dar Ko Kaise Dur kiya jaaye Kuchh chijen Jante Hue Bhi Main Uttar Nahin De Pata Vidyalay mein Yeh Mere Khud ke bacche ki samasya hai
ReplyDeleteकक्षा कक्ष हवादार होने चाहिए प्रकाश की संपूर्ण व्यवस्था होनी चाहिए कक्षा कक्ष की दीवारें सुंदर-सुंदर चित्रकारी से परिपूर्ण होना चाहिए दिव्यांग बच्चों के लिए क्लासरूम में कुछ ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि वह बच्चे भी समावेशी शिक्षा प्राप्त कर सकें
ReplyDeleteKendra per purv prathmik bacchon ke liye upyukt aayog ke anusar paryapt Matra mein khilaune hone chahie. Viklang bacchon ke liye unki jarurat ke hisab se sabhi upkaran uplabdh hona chahie
ReplyDeletePlay gro playground toilets and special facilities for special need children
ReplyDeleteदिव्यांग बच्चों को सीखने के लिए शिक्षण सामग्री उनके अनुरूप हो एवं बैठक व्यवस्था और अन्य गतिविधियों में उनकी प्रतिभागता सुनिश्चित। की जाए और उनका विशेष ध्यान रखा जाए
ReplyDeleteBala building /playground /Sports goods /Ramp and railing/ toilet/ projector. projector is most important
ReplyDeleteदिव्यांग बच्चों को सीखने के लिए शिक्षण सामग्री उनके अनुरूप हो एवं बैठक व्यवस्था
ReplyDeleteFriendly environmental activities should be there
ReplyDeleteSpecial educated teachers jaroori hai .
ReplyDeleteबच्चों को चलने के लिए सुलभ रैम उनके शौचालय का डिजाइन एवं व्हीलचेयर के साथ-साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक जो उनकी दिव्यांगता का सटीक आकलन लगाकर उन को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु सही समय पर निर्णय
ReplyDeleteआयु के अनुसार खिलौने, रंगीन चित्रों वाली किताबें, पौष्टिक भोजन सामग्री, प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण यह सब कुछ जरूरी चीज हैं।
ReplyDeleteसभी बच्चो को एक समान हो और ज्यादातर activity base अभ्यासक्रम हो यह जरूरी है
ReplyDeleteशिक्षण सामग्री, बैठने की व्यवस्था तथा एक्टिविटी बच्चों के अनुरूप रुचिकर होl
ReplyDeleteबच्चों कि मानसिक स्थिति को देखते हुए अभ्यास करवाना।
ReplyDeleteFriendly atmosphere and facility for all basic needs to be provided.
ReplyDeleteKhel aadharit Shiksha se bacche bahut jaldi sikhate Hain
ReplyDeleteECCE केंद्र में बाउंड्री वाल नितांत आवश्यक है, जिससे अनावश्यक बाहरी तत्वों का प्रवेश परिसर में न हो सके। तथा दिव्यांग श्रेणी के बच्च्चों के लिए रैंप की आवश्यकता है। छोटे छोटे झूले , फिसल पट्टी अन्य खेलने वाले सामग्रियां जिससे 4 - 5 साल के बच्च्चों का भय दूर हो सके ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteBachcho ke liye special educator hone chahiye
ReplyDeleteआयु के अनुसार खिलौने, रंगीन चित्रों वाली किताबें, पौष्टिक भोजन सामग्री, फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय, प्रशिक्षित आंगनवाड़ी और सहायक और केंद्र का सहज वातावरण यह सब कुछ जरूरी चीज हैं।
ReplyDeleteAll students should get equal chance of activities as per their interest.
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