कोर्स 05 : गतिविधि 6 : अपने विचार साझा करें

बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्कूल के लिए तैयार करने में आ रही चुनौतियों को साझा करें? अपने विचारों को साझा करें


Comments

  1. The three DG for early childhood education are incredible .They really provide child to grow n learn without any kind of pressure

    ReplyDelete
    Replies
    1. Aarthik stithi, shiksha ki upyogita ka na jaanna hi agyanta ka karan h

      Delete
    2. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं

      Delete
    3. अभिभावकों में शिक्षा के महत्व की जानकारी का अभाव,समय का अभाव शिक्षकों में शिक्षक होने के दायित्वबोध का अभाव, बच्चों में कुपोषण

      Delete
    4. 1) अभिभावको का सहयोग व समर्थन न मिलना।
      2) समुदाय/अभिभावक शिक्षा को गैरउत्पादक समझना।
      3) स्कूलों की अभिभावकों से उचित बातचीत न रखना।

      Delete
  2. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं।

    ReplyDelete
  3. निजी क्षेत्र की शालाएं पूर्व प्राथमिक के कॉन्सेप्त पर ये सारे कार्य विगत 30 वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सरकार का इतनी देर बाद जागना आज 30 वर्षों बाद सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

    ReplyDelete
  4. parivarik prishtbhumi, shiksha k labh k prati anbhigyta,

    ReplyDelete
  5. बच्चो को स्कूल के लिए तेय्यार करने मे सबसे बड़ी चुनोती,,,, माता पिता का रोजगार के लिए पलायन करना है। तब बच्चो के शरीरिक व मानसिक विकास पर ध्यान ही नही दिया जाता हे। समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव, तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है।

    ReplyDelete
  6. Palak aur shikshak donon ko hi sanvedanshilta ke sath bacchon ki taiyari karvana chahie

    ReplyDelete
  7. बच्चो को स्कूल के लिए तेय्यार करने मे सबसे बड़ी चुनोती,,,, माता पिता का रोजगार के लिए पलायन करना है। तब बच्चो के शरीरिक व मानसिक विकास पर ध्यान ही नही दिया जाता हे। समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव, तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं।

    ReplyDelete
  8. Shikshak Vidyarthi aur Mata pita ke bich abhi bahut adhik duriyan Bani Hui Hain inhen nikat laane ke prayas karna bahut jaruri hai।

    ReplyDelete
  9. समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव के कारण आज भी तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं। जिसके कारण बच्चों की स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं होगी

    ReplyDelete
  10. हमारे स्कूल मे पढने वाले बच्चों के अभिभावकों मे अशिक्षा अर्थिक रूप से कमजोर एवं शिक्षा के महत्व के बारे ज्ञान की कमी है जिसके कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता है

    ReplyDelete
  11. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है।

    ReplyDelete
  12. बच्चों का बाहरी वातावरण के प्रति भय ,माता पिता का शिक्षित ना होना एवं शिक्षकों में प्रत्येक बच्चे को लेकर आत्मीय संबंध का विकास ना होना

    ReplyDelete
  13. निजी क्षेत्र की शालाएं पूर्व प्राथमिक के कॉन्सेप्त पर ये सारे कार्य विगत 30 वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सरकार का इतनी देर बाद जागना आज 30 वर्षों बाद सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। बच्चो को स्कूल के लिए तेय्यार करने मे सबसे बड़ी चुनोती,,,, माता पिता का रोजगार के लिए पलायन करना है। तब बच्चो के शरीरिक व मानसिक विकास पर ध्यान ही नही दिया जाता हे। समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव, तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं।
    हमारे स्कूल मे पढने वाले बच्चों के अभिभावकों मे अशिक्षा अर्थिक रूप से कमजोर एवं शिक्षा के महत्व के बारे ज्ञान की कमी है जिसके कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव के कारण आज भी तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं। जिसके कारण बच्चों की स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं होगी

    ReplyDelete
    Replies
    1. समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव के कारण आज भी तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं। जिसके कारण बच्चों की स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं होगी

      Delete
  14. Replies
    1. निजी क्षेत्र की शालाएं पूर्व प्राथमिक के कॉन्सेप्त पर ये सारे कार्य विगत 30 वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सरकार का इतनी देर बाद जागना आज 30 वर्षों बाद सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

      Delete
  15. Family background, ignorance towards education, working parents, poverty, illiteracy are some of the factors that are responsible

    ReplyDelete
  16. માતાપિતાનું શિક્ષણ પ્રત્યે ઓછું ધ્યાન હોવું. આર્થિક પરિસ્થિતિનબળી હોવી, બાળકોમાં બહારના વાતાવરણનો ભય અને વર્ગમાં બાળકોની સંખ્યા વધારે હોવી વગેરે કારણો હોઈ શકે.

    ReplyDelete
  17. बच्चो की स्कूल तयारी करने मैं माता पिता महत्वपूर्ण भूमिका हैं आर्थिक सामाजिक स्थिती पर भी निर्भर करता है केवल

    ReplyDelete
  18. 1.माता पिता का शिकक्षित न होना2.रोजगार के लिए दूसरे जगह पलायन करना।3.सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना ।अपने ही समुदाय से उपेक्षित होना।

    ReplyDelete
    Replies
    1. bacche ke school ke taiyari me ghar ke sadasyon ka mahatwapurn bhumika honi chahiye

      Delete
    2. bacchonke school ke taiyari me mata pita ki mahtawapurn bhumika honi chahiye aur unka

      Delete
  19. माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति, जागरूकता का अभाव, अशिक्षित होना तथा शिक्षा के प्रति उदासीनता आदि प्रमुख कारण हैं।

    ReplyDelete
    Replies
    1. This comment has been removed by the author.

      Delete
  20. हमारे स्कूल मे पढने वाले बच्चों के अभिभावकों मे अशिक्षा अर्थिक रूप से कमजोर एवं शिक्षा के महत्व के बारे ज्ञान की कमी है जिसके कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

    ReplyDelete
  21. Parents are not well educated, financial crises, their background
    are the main problems

    ReplyDelete
  22. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं।

    ReplyDelete
  23. माता-पिता का शिक्षित होना और रोजगार के लिए परिवारों का पलायन करना बच्चों के स्कूल जाने में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करता है

    ReplyDelete
  24. यह बात सही है कि स्कूलो मे पढ़ने वाले कुछ बच्चों के अभिभावकों मे अशिक्षा , आर्थिक रूप से कमजोर एवं शिक्षा के महत्व के बारे ज्ञान की कमी आदि होती है जिसके कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता है

    ReplyDelete
  25. Family background, ignorance towards education.

    ReplyDelete
  26. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है। सरकारी स्कूल के प्रति अरुचि।निजी क्षेत्र का घुस पैठ ।

    ReplyDelete
  27. Financial problems ke karan parent apne work me lag jate h bacho ko unke school time me time ni de pate h

    ReplyDelete
  28. Parents migrate to earn livelihood and they also take their child with them for manpower.. sometimes they let them stay at home to care of their brother and sister. They let them work at fields and so on.

    ReplyDelete
  29. परिवार के सदस्यों का कम पढा लिखा होना व आथिर्क कमजोर होना

    ReplyDelete
  30. बच्चों ,अभिभावकों, को स्कूल के लिए तैयार करने में सबसे बड़ी कठिनाई है। माता पिता का पर्याप्त शिक्षित न होना और शिक्षा के महत्व और उपयोगिता को ठीक से नहीं समझ पाना। निर्धनता के कारण भी माता पिता को रोजगार हेतु बाहर जाना पड़ता है जिस कारण भी वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। और वे ठीक प्रकार से भी नहीं समझ पाते हैं कि वे अपने बच्चों में शैक्षिक, संवेदनात्मक, सामाजिक , रचनात्मक विकास किस प्रकार करें। हमें अभिभावकों को जागरूक करने की , अपने बच्चों को शिक्षित करने की उनकेे उचित पोषण और स्वास्थ्य की उनकेे सर्वांगीण विकास की ओर ध्यान देने की समझ विकसित करने का प्रयास करना होगा। राम गोपाल शर्मा प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बिलवानी टपरा जनशिक्षा केन्द्र रमपुरा कलां विकास खंड गैरतगंज जिला रायसेन मध्यप्रदेश।

    ReplyDelete
  31. Arthik stithi v shiksha ki upyogita ka pta n hona hi anphdhta ka Karan h

    ReplyDelete
  32. Financial problems, economic conditions, uneducated family

    ReplyDelete
  33. The main reasons are illiteracy of parents and weak economic condition of the family.

    ReplyDelete
  34. The interest and others factors including illiteracy,less sensitivity and responsibilities and fear.

    ReplyDelete
  35. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है।

    ReplyDelete
  36. ग्रामीण क्षेत्रो में अभिभाव के पास समय अभाव के कारण वह बच्चे को समय नही दे पाते यह सबसे बड़ी चुनोती है

    ReplyDelete
  37. There is a big problem to ready for school because parents are not think that education is as important as food for servival.

    ReplyDelete
  38. शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु एक अध्यापक की अपनी कार्य के प्रति ईमानदारी अभिभावकों का बच्चो के पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना शाला का क्रीड़ा युक्त माहोल आदि उल्लेखनीय कार्य किए जा सकते है

    ReplyDelete
  39. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं।

    ReplyDelete
  40. Kamjor Arthik sthiti Parivar mein Shiksha ka abhav

    ReplyDelete
  41. बच्चों का नियमित रूप से विद्यालय न आना तथा मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना l

    ReplyDelete
  42. आभिवाकों की कमजोर आर्थिक स्थिति ।

    ReplyDelete
  43. Abhibhavakon ki arthik samajik isthiti

    ReplyDelete
  44. माता पिता का अशिक्षित होना, परिवार कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होना, रोजगार के लिए पलायन करना, जिससे बच्चे का समुचित विकास नहीं हो पाता है

    ReplyDelete
  45. तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया ने शिक्षा को भी प्रभावित किया है, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों को नए तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षा के साथ अद्यतित रहना हो रहा है। बच्चों के मातृभाषा और सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता अब और भी महत्वपूर्ण है, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि वे नए संरचनात्मक और व्यावसायिक माहौल में प्रवेश कर रहे हैं।

    ReplyDelete
  46. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी माता पिता का अधिक संख्या में अशिक्षित है जिससे उन्हें अपने बच्चे पर ध्यान नही दे पाते है।

    ReplyDelete
  47. अशिक्षा , व शिक्षा के प्रति जागरुकता में कमी व आर्थिक पिछडापन

    ReplyDelete
  48. Pariwar ka education ke prati unaware rahna hai

    ReplyDelete
  49. आथिर्क रूप से कमजोर अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करना।चाहिए।सरकार की योजना के मे बताना चाहिए जिससे अभिभावक शिक्षा के महत्व के बारे मे बता सके।

    ReplyDelete
  50. Mata pita siksha ko leke jagruk nhi hai aur unhe sarkari schoolo ke padahi se santushti nhi hai isiliye woh baccho ko nhi bhjete... Dusara bacche kai baar school mei padhai gyi chiz nhi smj paate hai jisse unki ruchi khatm hone lagti hai isiliye woh school chod dete hai

    ReplyDelete
  51. सरकार की योजना के बारे में बताना चाहिए जिससे अभिभावक शिक्षा के महत्व के बारे मे बता सके।आथिर्क रूप से कमजोर अभिभावक को शिक्षा के प्रति जागरूक करना।चाहिए।

    ReplyDelete
  52. Abhi bhi Gramin Kshetra Mein माता-पिता ke ashikshit hone ki sankhya Adhik hai ISI Karan bacche ka sankshipt Vishwas bhasha mein nahin Ho Paya

    ReplyDelete
  53. बच्चों ,अभिभावकों, को स्कूल के लिए तैयार करने में सबसे बड़ी कठिनाई है। माता पिता का पर्याप्त शिक्षित न होना और शिक्षा के महत्व और उपयोगिता को ठीक से नहीं समझ पाना। निर्धनता के कारण भी माता पिता को रोजगार हेतु बाहर जाना पड़ता है जिस कारण भी वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। और वे ठीक प्रकार से भी नहीं समझ पाते हैं कि वे अपने बच्चों में शैक्षिक, संवेदनात्मक, सामाजिक , रचनात्मक विकास किस प्रकार करें। हमें अभिभावकों को जागरूक करने की , अपने बच्चों को शिक्षित करने की उनकेे उचित पोषण और स्वास्थ्य की उनकेे सर्वांगीण विकास की ओर ध्यान देने की समझ विकसित करने का प्रयास करना होगा।

    ReplyDelete
  54. मुझे ऐसा लगता है कि अभिभावकों को तैयार करना ही सबसे बड़ी चुनौती है स्कूल की तैयारी हो जाती है बच्चों की भी तैयारी कम या अधिक हो जाती है अभिभावक अपनी मासी की स्थिति को बदलने के लिए तैयार नहीं होते हैं इसलिए तैयारी का जो आम पड़ाव है वह बाधित हो जाता है जिससे बच्चे की फ्री स्कूलिंग की शिक्षा उतनी बेहतर नहीं हो पाती है जितना होनी चाहिए अभिभावक रुचि नहीं लेता है

    ReplyDelete
  55. बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्कूल के लिए तैयार करने में आ रही चुनौतियां निम्न है:-
    1 घर और विद्यालय में बच्चे की मातृभाषा में अंतर
    2 पिछड़ी हुई पृष्ठभूमि का बालक
    3 माता पिता की आर्थिक स्थिति
    4 विद्यालय में शिक्षकों की कमी विशेष रूप सभाष के शिक्षकों की कमी।

    ReplyDelete
  56. 1. अभिभावकों का शिक्षा को केवल पढ़-लिख
    लेना तक सिमट लेना।
    2. शिक्षा के प्रति अभिभावक का अरुचिकर
    व्यवहार।
    3. बच्चों की शिक्षा के प्रति समुदाय का जागृत
    न रहना।
    4. निजी स्वार्थ हेतु बच्चों को काम पर लगाना।
    5. शिक्षा नीति का गलत तरीके से व्याख्या करने के दुष्परिणाम स्वरुप।


    ReplyDelete
  57. बच्चों की अनुपस्थिति और शिक्षक पर शिक्षा कार्य के अलावा अन्य कार्य का बोझ

    ReplyDelete
  58. एक बात तो यह की जब कभी भी PTM बैठक के लिए अभिभावकों को बुलाया जाता है तो बहुत ही कम संख्या में अभिभावक मीटिंग में आते है जिससे की अनुपस्थित रहे अभिभावकों को अपने बच्चे का स्तर , विद्यालय विकास आदि चीजों के बारे में जानकारी नही मिल पाती है। इसलिए विद्यालय,अभिभावक और बच्चे आपस में जुड़ नही पाते है।

    ReplyDelete
  59. निजी क्षेत्र की शालाएं पूर्व प्राथमिक के कॉन्सेप्त पर ये सारे कार्य विगत 30 वर्षों से लगातार कर रहे हैं। सरकार का इतनी देर बाद जागना आज 30 वर्षों बाद सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

    ReplyDelete
  60. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं

    ReplyDelete
  61. Lack of literacy, awareness, communication, workload etc.

    ReplyDelete
  62. माता पिता कि कमजोर आर्थिक स्थिति, उनका अशिक्षित होना, जागरूकता का आभाव ही मुख्य कारण हैं

    ReplyDelete
  63. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया ने शिक्षा को भी प्रभावित किया है, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों को नए तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षा के साथ अद्यतित रहना हो रहा है। बच्चों के मातृभाषा और सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता अब और भी महत्वपूर्ण है, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि वे नए संरचनात्मक और व्यावसायिक माहौल में प्रवेश कर रहे हैं।

      Delete
  64. Illiteracy of parents,not gud atmosphere,bad infrastructure

    ReplyDelete
  65. माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति, जागरूकता का अभाव, अशिक्षित होना तथा शिक्षा के प्रति उदासीनता आदि प्रमुख कारण हैं।

    ReplyDelete
  66. The three DG for early childhood education are incredible .They really provide child to grow n learn without any kind of pressure

    ReplyDelete
  67. આર્થિક સ્થિતિ વાતાવરણ

    ReplyDelete
  68. શાળા તત્પરતા માટે વાલી ની ભાગીદારી ખૂબ જ મહત્વની સાબિત થાય છે. શાળા વાલી અને સમાજના સહિયારા પ્રયાસથી જ સફળ શાળા શિક્ષણની શરૂઆત થાય છે.

    ReplyDelete
  69. बच्चों के लिए चुनौतियाँ:शैक्षणिक दबाव:चुनौती: उच्च शैक्षणिक मानदंडों और प्रतिस्पर्धा का दबाव।समाधान: बच्चों को व्यक्तिगत गति से सीखने का अवसर देना और उनकी रुचियों और क्षमताओं के अनुसार पाठ्यक्रम को अनुकूलित करना।मानसिक स्वास्थ्य:चुनौती: तनाव, चिंता, और डिप्रेशन।समाधान: मानसिक स्वास्थ्य के समर्थन के लिए स्कूल काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार करना और बच्चों को योग, ध्यान, और खेल जैसी गतिविधियों में शामिल करना।सामाजिक समायोजन:चुनौती: साथियों के साथ मेलजोल और सामाजिक संबंध बनाना।समाधान: समूह गतिविधियों और टीमवर्क को प्रोत्साहित करना, और विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देना।अभिभावकों के लिए चुनौतियाँ:समय प्रबंधन:चुनौती: बच्चों की शिक्षा के साथ अपने काम और अन्य जिम्मेदारियों का समन्वय करना।समाधान: स्कूल और कार्यस्थल पर लचीले समय का प्रावधान, और परिवारों के लिए सहायक संसाधन और कार्यक्रमों की उपलब्धता।शैक्षणिक समर्थन:चुनौती: बच्चों को घर पर प्रभावी ढंग से सहायता प्रदान करना।समाधान: अभिभावकों के लिए कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना, जिससे वे अपने बच्चों की शैक्षणिक सहायता कर सकें।तकनीकी ज्ञान:चुनौती: डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन प्लेटफार्मों का उपयोग करना।समाधान: डिजिटल साक्षरता के लिए प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना।शिक्षकों के लिए चुनौतियाँ:व्यक्तिगत ध्यान:चुनौती: प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत ध्यान देना।समाधान: कक्षा में छात्रों की संख्या कम करना और सहायक शिक्षकों की नियुक्ति।अपडेटेड रहना:चुनौती: नवीनतम शैक्षणिक प्रथाओं और तकनीकों से अपडेटेड रहना।समाधान: नियमित प्रशिक्षण और पेशेवर विकास के अवसर प्रदान करना।मानसिक और भावनात्मक तनाव:चुनौती: कार्य का दबाव और व्यक्तिगत जीवन के साथ संतुलन।समाधान: मानसिक स्वास्थ्य के लिए समर्थन और परामर्श सेवाएँ प्रदान करना, और कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा देना।इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होती है। स्कूल प्रशासन, सरकार, और समाज को मिलकर काम करना होगा ताकि शिक्षा का वातावरण सभी के लिए अनुकूल और समावेशी बन सके।

    ReplyDelete
  70. आर्थिक स्थिति, जागरूकता का अभाव, अशिक्षित होना तथा शिक्षा के प्रति उदासीनता आदि प्रमुख कारण हैं।

    ReplyDelete
  71. Teacher , parents dono ko milker bachche ki tayyari karana chahiye par parents rojgar ke chalte bachchon par dhyan nahi dete

    ReplyDelete
  72. Ashikshit tha arthik roop se kamjor avibhavak

    ReplyDelete
  73. पलको का निम्न आय वाला होना जिससे वे बच्चों पर धयान नही दे पाते हैं।रोजगार हेतु पलायन करते रहना।।पलकों का निरक्षर होना।।शिक्षकों को उचित प्रशिक्षण न मिलनादी।

    ReplyDelete
  74. माता-पिता की आर्थिक स्थिति

    ReplyDelete
  75. Schoolon mein माता-पिता ka shikshit hona AVN garibi ka mukhya Karan hai

    ReplyDelete
  76. Bachcho ki adhik sankhya....ashikshit abhibhavak.....Rozgar me vyast abhibavak...shikshak ka kagji karyo me vyast hona.... bahut saare Karan hai...kabhi medicine...kabhi mid day meal .... activities related ministries

    ReplyDelete
  77. Childrens are ready to learn . Guardians are too much busy in their business . And school classrooms are not in proper form to teach . Teachers are always ready to teach.

    ReplyDelete
  78. rozgaar ke drashtigat abhibhavako ka samuchit yogdan na kar paana evum ghar ka parivesh bacche ke anukool na Bana paane se shikshako ko bhi baccho ke samagra vikas hetu kaafi chunotiyon ka saamna karna padta hai.

    ReplyDelete
  79. भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को दूसरे ऑफिस में अन्य कार्यों में संलग्न/असंजित किया जाता है शैक्षिक कार्य से दूर कर दिया जाता है इसमें कोई समाधान अवश्य होना चाहिए

    ReplyDelete
  80. बच्चो की स्कूल के लिए तैयार करने में माता पिता महत्वपूर्ण भूमिका हैं आर्थिक सामाजिक स्थिती पर भी निर्भर करता है

    ReplyDelete
  81. Abhibhavakon Ka asicit Hona aur Arthik Roop se kamjor Hona Shiksha Ka mahatva Na samajhna

    ReplyDelete
  82. Bacchon ko school ke liye taiyar karne ke liye man Baap Ki Sabse Badi chunauti Unka nishchit vyavsay na hona

    ReplyDelete
  83. आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है। माता पिता बच्चों को घरेलू काम में लगा लेते हैं।

    ReplyDelete
  84. माता-पिता का अशिक्षित होना और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होना मुख्य कारण है

    ReplyDelete
  85. Abhibhavakon ka jagruk na hona bacchon ki parivarik sthiti aur shikshakon se judaav na hona iska mukhya Karan hai

    ReplyDelete
  86. तैयार स्कूल की परिभाषा बच्चों अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के साथ होती है जब तीनों एक साथ मिलकर चलते हैं तभी एक अच्छे स्कूल की कल्पना की जा सकती है ग्रामीण परिवेश में कुछ अभिभावक बच्चों के प्रति उदासीन होते हैं और कुछ शिक्षक भी स्कूल के प्रति और बच्चों के प्रति उदासीन से दिखते हैं इसलिए आज हमारी शिक्षा व्यवस्था में बेपटरी पर है

    ReplyDelete
  87. बच्चे एवं अभिभावक जागरूकता की कमी, आर्थिक तंगी, संस्कारों की कमी,

    ReplyDelete
  88. बच्चों की तैयारी में आ रही सबसे बड़ी बाधा माता-पिता का अशिक्षित होना तथा रोजगार के लिए पलायन करना मजदूरी आदि कार्यों में अधिक से अधिक व्यस्त रहना इस वजह से बच्चों की वह तैयारी नहीं हो पाती जिससे वे एक सक्रिय रूप में प्रीस्कूल आंगनबाड़ी केदो में प्रतिभा कर सकें

    ReplyDelete
  89. अभिभावक का जागरूक न होना
    खेल आधारित गतिविधियों का अभिभावकों द्वारा समावेश न किया जाना

    ReplyDelete
  90. बच्चों का बाहरी वातावरण के प्रति भय ,माता पिता का शिक्षित ना होना एवं शिक्षकों में प्रत्येक बच्चे को लेकर आत्मीय संबंध का विकास ना होना

    ReplyDelete
  91. Student comes to school for company, mid daymeal,study is there second priority. Parents are not into there child upbringing they just send there child to school..major problem is of understanding the role of guardian

    ReplyDelete
  92. अभिभावक का शिक्षित होना तथा शिक्षक का अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक एवं पूर्णतया तत्पर रहना बच्चों के अध्ययन में सकारात्मक परिवर्तन एवं प्रभाव पड़ता है।

    ReplyDelete
  93. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है |

    ReplyDelete
  94. Parents ki aarthik isthiti kharab hone ke karan

    ReplyDelete
  95. Negligence of parents towards education in rural area is a big issue

    ReplyDelete
  96. Abhibhavakon ko bachcho ko ghar par bhi gatividhi karani hogi.

    ReplyDelete
  97. Parents financial condition is one of the major problem

    ReplyDelete
  98. माता- पिता का अशिक्षित होना , परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण है।

    ReplyDelete
  99. माता-पिता का अशिक्षित होना परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति मुख्य कारण

    ReplyDelete
  100. बच्चो को स्कूल के लिए तेय्यार करने मे सबसे बड़ी चुनोती,,,, माता पिता का रोजगार के लिए पलायन करना है। तब बच्चो के शरीरिक व मानसिक विकास पर ध्यान ही नही दिया जाता हे। समुदाय का उपेक्षा पूर्ण बर्ताव, तथा आज भी सरकारी योजनाओ का लाभ दुरस्थ स्थानो की पहुँच मे नही है।

    ReplyDelete
  101. Isme Mata pita ka shiksha ke prati km jagrukta mukhya Karan hai eske alawa sarkar dwara purw prathmikh shiksha ka ushit prabandan nahi karna bhi mukya Karan hai

    ReplyDelete
  102. अभिभावक द्वारा बच्चे को समय पर तैयार करना, नियमित भेजना और पढ़ाई के महत्त्व को समझना आदि कई चुनौतियां हैं.

    ReplyDelete
  103. Family background, ignorance towards education, working parents, poverty, illiteracy , lack of knowledge are some of the factors that are responsible

    ReplyDelete
  104. 1. माता पिता का अशिक्षित होना।
    2 . भावनात्मक समर्थन की कमी।
    3. लगातार विद्यालय से अनुपस्थिति
    4. आंगनवाडी शिक्षा का खराब बुनियादी स्तर

    ReplyDelete
  105. 1. तकनीकी जानकारी का भाव
    2.संसाधनों का भाव
    3.प्रशिक्षण की कमी
    4.जागरूकता की कमी
    5.मानक मूल्य की कमी
    6.बुनियादी और गैर बुनियादी पाठ्यक्रम में असमानता
    7.अध्यापक प्रशिक्षण का जीवन से सहसंबंध न होना

    ReplyDelete
  106. 1.अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद की कमी।
    2.बच्चों के सामाजिक व्यवहार में सुधार लाने में दिक्कत।
    3. तकनीकी जानकारी का अभाव।

    ReplyDelete
  107. बच्चों, अभिभावकों, और शिक्षकों के लिए स्कूल की तैयारी में भावनात्मक, शैक्षिक, और सामाजिक समायोजन की चुनौतियाँ मुख्य होती हैं।

    ReplyDelete
  108. माता पिता का अशिक्षित होना, परिवार की आर्थिक स्थिति, माता पिता का रोजगार के लिए पलायन करना।

    ReplyDelete
  109. माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति, जागरूकता का अभाव, अशिक्षित होना तथा शिक्षा के प्रति उदासीनता आदि प्रमुख कारण हैं।

    ReplyDelete
  110. अभिभावकों में शिक्षा के प्रति उदासीनता व असहयोग

    ReplyDelete
  111. Aarthik isthiti aur jagrukata ka abhaav

    ReplyDelete
  112. अभिभावक कि अशिक्षित होना, जागरूकता की कमी होना

    ReplyDelete
  113. आर्थिक स्थिति..संवेदना ... भावात्मक कमी व अनुकूल माहौल की कमी शिक्षक ..बच्चे व अभिभावक को प्रभावित करते हैं

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog